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बाजार की तेजी को और बढ़ा सकते हैं फाइनेंशियल शेयर: Moneycontrol मार्केट सेंटीमेंट सर्वे

Moneycontrol के सर्वे के मुताबिक बाजार की आगे की तेजी में फाइनेंशियल शेयरों का सबसे बड़ा योगदान होगा.

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 19, 2021 पर 9:21 AM
बाजार की तेजी को और बढ़ा सकते हैं फाइनेंशियल शेयर: Moneycontrol मार्केट सेंटीमेंट सर्वे

Moneycontrol Market Sentiment Survey के पांचवें संस्करण के मुताबिक बाजार की आगे की तेजी में फाइनेंशियल शेयरों का सबसे बड़ा योगदान होगा। इस सर्वे से ये भी निकल कर आया है कि इक्विटीज निवेशकों की पहली निवेश पसंद बनी रहेंगी। जब स्टॉक मार्केट की बात होती है तो क्रिकेट, बॉलीबुड और पॉलिटिक्स की तरह ही हर किसी कि इस पर अपनी राय होती है। लेकिन बाजार पर मनी मैनेजरों की राय की सबसे ज्यादा अहमियत होती है। मनीकंट्रोल मार्केट सेंटीमेंट सर्वे (Moneycontrol Market Sentiment survey)का लक्ष्य बाजार के मूड को भांपना और बाजार की आगे की दिशा का अंदाजा लगाना है।

इकोनॉमी में रिकवरी संकेत के साथ ही एक्सपर्ट आगे की ग्रोथ को लेकर उम्मीद से भरे हुए हैं। पिछले हफ्ते आए IMFके अक्टूबर के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के मुताबिक भारत में स्मार्ट रिकवरी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। IMF ने वित्त वर्ष 2022 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 9.5 फीसदी पर बनाए रखा है। IMF ने ये भी कहा है कि  वित्त वर्ष 2023 में देश की जीडीपी में  8.5 फीसदी की दर से ग्रोथ कर सकती है। इसी तरह  World Bank ने भी पिछले हफ्ते इस साल भारत की ग्रोथ 8.3 फीसदी पर रहने का एलान किया था।

घरेलू बाजार पर नजर डालें तो निफ्टी में 18 अक्टूबर को 18,500 का लेवल भी पार कर लिया। नए निवेशकों और संस्थागत निवेशकों की तरफ से आ रहे पैसे के दम पर बाजार लगातार हाई पर हाई लगा रहा है। इस पृष्ठभूमि में मनीकंट्रोल ने अपने मार्केट सेंटिमेंट सर्वे का पांचवां संस्करण पूरा किया है। इस सर्वे में ढाई लाख करोड़ रुपए असेट मैनेजमेंट करने वाले 12 फंड मैनेजरों ने भाग लिया है।

इनमें से आधे फंड मैनेजरों का मानना है कि अगले साल निफ्टी 20,000 का स्तर छू सकता है और इक्विटी में ही सबसे बेहतर रिटर्न देखने को मिलेगा। इस सर्वे से यह भी निकल कर आया है कि अगले 12 महीनों के लिए मेक इन इंडिया और इंटरनेट आधारित कंपनियां दो सबसे बड़ी इनवेस्टमेंट थीम रहेंगी।

इस सर्वे में भाग लेने वाले 75 फीसदी एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार की अगली तेजी में फाइनेंशियल सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान होगा। सर्वे में भाग लेने वाले दिग्गजों का यह भी मानना है कि यूएस फेड की तरफ से उम्मीद से पहले पहले ब्याज दरों में बढ़त और महंगाई बढ़ने का डर सबसे बड़ा जोखिम है। इस सर्वे में भाग लेने वाले करीब आधे फंड मैनेजरों का मानना है कि वित्त वर्ष 22 के अंत तक अमेरिकी क्वांटिटेटिव ईजिंग प्रोग्राम बंद हो जाएगा। जबकि एक तिहाई लोगों को मानना है कि यह प्रोग्राम वित्त वर्ष 2022 के मध्य तक बंद हो जाएगा।

इस सर्वे में भाग लेने वाले 50 फीसदी भागीदारी करने वालों का मानना है कि ग्लोबल लेवल पर सप्लाई से जुड़ी मुश्किलें, एनर्जी का संकट, चीन की तरफ से औद्योगिक गतिविधियों पर इनवायरमेंट गोल हासिल करने के लिए लगाए जाने वाले प्रतिबंध अलग अलग सेक्टर और कंपनियों पर अपना असर डाल सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इन सारी चीजों से इकोनॉमी पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। लेकिन बाजार पर ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।

 

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