Muhurat Trading 2026 Date and Timing: दिवाली लक्ष्मी पूजन के शुभ अवसर पर भारतीय शेयर बाजार की ऐतिहासिक 'मुहूर्त ट्रेडिंग' की परंपरा इस साल भी होगी। NSE और BSE ने बीते दिनों 'मुहूर्त ट्रेडिंग 2026' के टाइम-टेबल का ऐलान कर दिया। संडे होने के बावजूद 8 नवंबर को शेयर बाजार गुलजार रहेगा और निवेशकों को नए संवत वर्ष की शुरुआत में शेयर खरीदने-बेचने की खास सुविधा मिलेगी।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: तारीख और टाइमिंग
8 नवंबर, रविवार को आयोजित होने वाले इस स्पेशल सेशन की टाइमिंग कुछ ऐसी रहेगी:
इक्विटी सेगमेंट की पूरी समय सारणी
8 नवंबर को विभिन्न ट्रेडिंग गतिविधियों का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
नोट: डेरिवेटिव्स (F&O) और अन्य मार्केट सेग्मेंट्स के लिए एक्सचेंज की ओर से अलग से सर्कुलर जारी किए गए हैं।
क्या होता है 'मुहूर्त ट्रेडिंग' और क्यों है यह खास?
संस्कृत शब्द 'मुहूर्त' का अर्थ शुभ समय होता है। भारतीय परंपरा में दिवाली लक्ष्मी पूजन से नए वित्तीय और हिंदू कैलेंडर वर्ष (की शुरुआत मानी जाती है। दलाल स्ट्रीट के कारोबारी और निवेशक इस दिन लक्ष्मी पूजन के बाद नए वित्तीय चक्र की शुभ शुरुआत के तौर पर टोकन इन्वेस्टमेंट करते हैं। कई नए निवेशक इस शुभ दिन अपनी स्टॉक मार्केट जर्नी की शुरुआत भी करते हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
मुहूर्त ट्रेडिंग का सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व भले ही काफी अधिक हो, लेकिन यह बाजार का एक रेगुलर सत्र ही होता है जो ट्रेडिंग नियमों से संचालित होता है। इस दिन शेयर की कीमतें गिर भी सकती हैं और चढ़ भी सकती हैं। मुनाफे की कोई गारंटी नहीं होती है। एक्सपर्ट का सुझाव है कि सिर्फ परंपरा के नाम पर जल्दबाजी में दांव न लगाएं। वैल्युएशन, कंपनी का प्रदर्शन और अपने वित्तीय लक्ष्यों का मूल्यांकन करके ही सही शेयरों में निवेश करें।