Multibagger Penny Stocks: बेडशीट और रजाई बनाने वाली दिग्गज कंपनी इंडो काउंट इंडस्ट्रीज (Indo Count Industries) के शेयरों में आज शानदार तेजी रही। वहीं लॉन्ग टर्म में इसने महज 11 साल में ही निवेशकों को एक लाख रुपये से कम के निवेश पर ही करोड़पति बना दिया है। यह सिर्फ लॉन्ग टर्म में ही नहीं बल्कि शॉर्ट टर्म में भी किंग साबित हुआ है और 11 महीने में इसने निवेशकों का पैसा तीन गुना से अधिक बढ़ा दिया। ब्रोकरेज फर्म अब भी इसे लेकर पॉजिटिव हैं और न सिर्फ खरीदारी की रेटिंग को कायम रखा है बल्कि टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया है। आज की बात करें तो इसके शेयर BSE पर 8.26 फीसदी की बढ़त के साथ 319.00 रुपये के भाव (Indo Count Share Price) पर बंद हुए हैं। इंट्रा-डे में यह 323.70 रुपये की ऊंचाई तक पहुंचा था।
11 साल में 83 हजार बना एक करोड़
इंडो काउंट के शेयर 8 मार्च 2013 को महज 2.64 रुपये पर थे। अब यह 319 रुपये पर है यानी कि महज 11 साल में ही 83 हजार रुपये के निवेश पर ही निवेशक करोड़पति बन गए। अब शॉर्ट टर्म में बात करें तो इंडो काउंट के शेयर पिछले साल 28 मार्च 2023 को एक साल के निचले स्तर 101.15 रुपये पर थे। इस लेवल से 11 महीने में ही यह 260 फीसदी से अधिक उछलकर पिछले महीने 26 फरवरी 2024 को 364.60 रुपये की रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि शेयरों की यह तेजी यहीं थम गई और उतार-चढ़ाव के साथ फिलहाल इस लेवल से यह करीब 13 फीसदी डाउनसाइड है। हालांकि ब्रोकरेज के टारगेट के हिसाब से यह रिकॉर्ड हाई लेवल टूट सकता है और यह नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है।
ब्रोकरेज क्यों है Indo Count पर बुलिश
इंडो काउंट बेडशीट निर्यात करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है और इसके क्लाइंट्स वालमार्ट, जेसीपेनी और बेड बाथ एंड बियांड जैसी कंपनियां हैं। विस्तार और अधिग्रहण के जरिए कंपनी की क्षमता अब 15.3 करोड़ मीटर्स तक पहुंच चुकी है। इसका 95 फीसदी रेवेन्यू निर्यात से आता है जिसमें से 74 फीसदी तो अमेरिकी बाजार से आता है। मजबूत क्लाइंट बेस, प्रोडक्ट बकेट के विस्तार, नए विदेशी मार्केट में एंट्री, प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर बढ़ते फोकस और वित्त वर्ष 2024 के आखिरी तक 1 हजार करोड़ रुपये के कम्यूलेटिव कैपेक्स के दम पर कंपनी का लक्ष्य अगले तीन से चार साल में मार्जिन विस्तार के साथ रेवेन्यू को डबल करने का है।
अमेरिकी मार्केट में इसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है, यूके और ईयू के साथ एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) की संभावना है, बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने की क्षमता इसके पास है, ऑपरेटिंग लीवरेज के जरिए मार्जिन बढ़ सकता है; इन सब वजहों से ब्रोकरेज नुवामा ने 13 मार्च की अपनी रिपोर्ट में इसकी खरीदारी की रेटिंग को मेंटेन रखा है। हालांकि टारगेट प्राइस बढ़ाकर 430 रुपये कर दिया है।
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