Mutual Fund investment : जियो ब्लैकरॉक ने अपना नया सेक्टर रोटेशन फंड लॉन्च किया है। यह NFO 27 जनवरी से खुला है और 9 फरवरी को बंद होगा। फंड AI और बिग डेटा का इस्तेमाल करके बदलते इकोनॉमिक हालात के मुताबिक सही सेक्टर चुनता है। सेक्टर रोटेशन फंड की खासियत ये है कि ये उन सेक्टर्स में निवेश बढ़ाता है जहां आगे अच्छा प्रदर्शन की संभावना हो और कमजोर सेक्टर्स से पैसा निकाल लेता है। बाजार के हर फेज में मौके तलाशने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस खास फंड और बाजार के हालात पर बात करने के लिए जुड़े जिओ ब्लैकरॉक के CIO इक्विटी ऋषि कोहली।
जियो ब्लैकरॉक का सेक्टर रोटेशन फंड
ऋषि कोहली ने बताया कि जियो ब्लैकरॉक ने सेक्टर रोटेशन फंड लॉन्च कर दिया है। यह NFO 27 जनवरी से खुला है और 9 फरवरी को बंद होगा। फंड में AI और बिग डेटा का इस्तेमाल होगा। इसमें ब्लैकरॉक के सिस्टमेटिक एक्टिव इक्विटीज (SAE)अप्रोच पर फोकस होगा। बदलते इकोनॉमिक हालात के मुताबिक फंड का सही 'सेक्टर' चुनने पर फोकस होगा। ये फंड फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में आता है। फंड का बेंचमार्क Nifty 500 इंडेक्स है। यह फंड बेहद जोखिम वाले कैटेगरी में है। जिओ ब्लैकरॉक, जियो फाइनेंस और ब्लैकरॉक का JV है।
क्या होते हैं सेक्टर रोटेशन फंड?
इनकी सबसे बड़ी खासियत सेक्टर रोटेशन रणनीति होती है। इनमें उन सेक्टर्स में निवेश किया जाता जहां आगे अच्छे प्रदर्शन की संभावना होती है। कमजोर दिख रहे सेक्टरों में निवेश कम कर दिया जाता है। इसका मकसद होता है बाजार के हर फेज में मौके तलाशना।