म्यूचुअल फंड बॉडी AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) नियमित तौर पर कंपनियों को उनकी साइज के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरीज में रखती है। अब अगले छमाही स्टॉक कैटेगराइजेशन में एएमएफआई की इस कोशिश से बीएसई (BSE) और वित्तीय दिक्कतों से उबरने की कोशिश में लगे वोडा आइडिया (Voda Idea) लॉर्ज कैप में आ सकते हैं। नुवामा अल्टरनेटिव एवं क्वांटिटेटिव रिसर्च की एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है। इस रिपोर्ट में यह भी कैलकुलेशन किया गया है कि लोढ़ा डेवलपर्स (Lodha Developers) और इंडियन होटल्स कंपनी (Indian Hotels Company) मिडकैप सेगमेंट में खिसक सकते हैं।
लॉर्ज कैप सेगमेंट में इन स्टॉक्स की एंट्री के आसार
नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक एएमएफआई की इस वर्ष 2026 की दूसरी छमाही की समीक्षा में बीएसई, वोडाफोन आइडिया, हिताची एनर्जी इंडिया, जिंदल स्टील, इंडियन बैंक, इंडस टावर्स और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स यानी ग्रो जैसी कंपनियों को लार्ज-कैप कैटेगरी में रखा जा सकता है। साथ ही हाल ही में लिस्ट हुई वेदांता एलुमीनियम के भी लार्ज-कैप स्टॉक के तौर पर क्वालिफाई करने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ लोढ़ा डेवलपर्स, इंडियन होटल्स कंपनी, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, सीमेंस एनर्जी इंडिया और बॉश लार्ज-कैप से मिड-कैप कैटेगरी में खिसक सकते हैं। वहीं हिंदुस्तान कॉपर, एनएलसी इंडिया, एआईए इंजीनियरिंग, अजंता फार्मा और एस्टर डीएम हेल्थकेयर मिडरैप स्टॉक्स बन सकते हैं।
नुवामा के कैलकुलेशन के हिसाब से केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एसजेवीएन, चोलामंडलम फाइनेंशियल होल्डिंग्स, फिजिक्सवाला और ग्लोबल हेल्थ जैसे स्टॉक्स मिड-कैप से स्मॉल-कैप सेगमेंट में जा सकते हैं। नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक भारत कोकिंग कोल, फ्रैक्चरल एनालिटिक्स, सीएमपीडीआई, क्लीन मैक्स एनवायरो, शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज और अमागी मीडिया लैब्स स्मॉल-कैप कैटेगरी में एंट्री कर सकते हैं।
इस बार के साइकिल में एक अहम बात वेदांता की अलग हुई कंपनियों यानी डीमर्ज्ड एंटिटीज को शामिल करना है। वेदांता एलुमीनियम का अनुमानित मार्केट कैप ₹1.84 ट्रिलियन है और इसके लार्ज-कैप स्टॉक के तौर पर क्वालिफाई करने की उम्मीद है। वहीं वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील स्मॉल-कैप कंपनियों के तौर पर क्वालिफाई हो सकती हैं।
कैसे होगी तैयार नई लिस्ट और कब आएगी सामने
नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-जून 2026 पीरियड के दौरान औसत मार्केट कैप के आधार पर अनुमानित लार्ज-कैप कट-ऑफ लगभग ₹1.07 ट्रिलियन यानी ₹1.07 लाख करोड़ है, जो दिसंबर 2025 के ₹1.05 ट्रिलियन से थोड़ा अधिक है। मिड-कैप कट-ऑफ का अनुमान लगभग ₹328 बिलियन यानी ₹32.8 हजार करोड़ है, जबकि पिछले रिव्यू में यह ₹348 बिलियन था। एएमएफआई की आधिकारिक कैटेगराइजेशन लिस्ट जुलाई के पहले हफ्ते में आने की उम्मीद है और यह 1 अगस्त, 2026 से लागू होगी।
स्टॉक्स की चाल में इसके लॉर्ज कैप, मिडकैप या स्मॉलकैप होने का भी फैक्टर होता है। हालांकि कोई स्टॉक एक कैटेगरी से दूसरी कैटेगरी में जाए तो अपने-आप निवेश या निकासी शुरू नहीं होती है, लेकिन एक्टिव म्यूचुअल फंड मैनेजर नई पोजिशन लेते समय और स्कीम कैटेगरीज में पोर्टफोलियो को एडजस्ट करते समय इस लिस्ट पर बारीकी से नजर रखते हैं। ऐसे में इनमें बदलाव पर नजर रखना अहम हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।