Mutual Fund Inflows: निवेशकों में किस बात का खौफ? इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 40% घटा

Mutual Fund Inflows: इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश एक महीने में 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया है। आखिर निवेशक अचानक इतने सतर्क क्यों हो गए? क्या बाजार में कोई बड़ा खतरा मंडरा रहा है, या फिर यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए नया मौका बन सकता है?

अपडेटेड Jun 10, 2026 पर 2:44 PM
पिछले एक साल में निवेशकों की पसंद रहे स्मॉल कैप और मिड कैप फंड्स में भी निवेश घटा है।

Mutual Fund Inflows: मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश में बड़ी गिरावट देखने को मिली। AMFI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी फंडों में शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) अप्रैल के मुकाबले 40.4% घट गया। बाजार में बढ़ती अस्थिरता, पश्चिम एशिया में तनाव, महंगाई की चिंता और रुपये पर दबाव के चलते निवेशकों ने ज्यादा सतर्क रुख अपनाया।

AMFI के आंकड़ों के अनुसार, मई में इक्विटी फंडों में नेट इनफ्लो घटकर 22,907.77 करोड़ रुपये रह गया। यह पिछले 12 महीनों का सबसे निचला स्तर है। अप्रैल में यह आंकड़ा 38,440.20 करोड़ रुपये था। यानी सिर्फ एक महीने में निवेश करीब 15,532 करोड़ रुपये कम हो गया।

फ्लेक्सी कैप में भी दिखी सुस्ती


फ्लेक्सी कैप फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश आता रहा, लेकिन यहां भी रफ्तार धीमी पड़ गई। मई में फ्लेक्सी कैप फंड्स में नेट इनफ्लो 5,175.54 करोड़ रुपये रहा, जबकि अप्रैल में यह 10,147.85 करोड़ रुपये था। यानी इसमें करीब 49% की गिरावट दर्ज की गई।

स्मॉल कैप और मिड कैप फंड्स में भी कमी

पिछले एक साल में निवेशकों की पसंद रहे स्मॉल कैप और मिड कैप फंड्स में भी निवेश घटा है। स्मॉल कैप फंड्स में नेट इनफ्लो अप्रैल के 6,885.90 करोड़ रुपये से घटकर मई में 4,945.57 करोड़ रुपये रह गया। वहीं मिड कैप फंड्स में निवेश 6,551.40 करोड़ रुपये से घटकर 4,385.06 करोड़ रुपये पर आ गया। जानकारों का मानना है कि लंबी तेजी के बाद निवेशक अब ऊंचे वैल्यूएशन वाले शेयरों को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं।

सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में क्रैश

मई में सबसे बड़ी गिरावट सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में देखने को मिली। इन फंड्स में नेट इनफ्लो अप्रैल के 1,949.36 करोड़ रुपये से घटकर सिर्फ 647.87 करोड़ रुपये रह गया। यानी करीब 67% की गिरावट आई।

ये फंड आमतौर पर बाजार के मूड और किसी खास सेक्टर से जुड़ी संभावनाओं पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, इसलिए इनमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा देखने को मिलता है।

मल्टी कैप और लार्ज एंड मिड कैप फंड्स

मल्टी कैप फंड्स में नेट इनफ्लो 3,806.01 करोड़ रुपये से घटकर 2,291.01 करोड़ रुपये रह गया। वहीं लार्ज एंड मिड कैप फंड्स में निवेश 4,490.49 करोड़ रुपये से घटकर 3,278.22 करोड़ रुपये पर आ गया।

इसके अलावा फोकस्ड फंड्स में निवेश 1,194.80 करोड़ रुपये से घटकर 830.25 करोड़ रुपये रह गया। वैल्यू और कॉन्ट्रा फंड्स में भी नेट इनफ्लो 1,478.08 करोड़ रुपये से घटकर 509.57 करोड़ रुपये पर आ गया।

कौन सी कैटेगरी ट्रेंड के उलट रही?

सभी कैटेगरी में गिरावट नहीं आई। हालांकि डिविडेंड यील्ड फंड्स में निकासी बढ़ी और ELSS फंड्स में भी आउटफ्लो ज्यादा रहा।

इसके बावजूद फ्लेक्सी कैप, लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स में निवेशकों का पैसा आता रहा। इससे साफ है कि निवेशकों ने इक्विटी बाजार से दूरी नहीं बनाई है, बल्कि वे फिलहाल नए निवेश को लेकर ज्यादा सोच-समझकर फैसला ले रहे हैं।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा गिरावट से घबराकर SIP बंद करने या निवेश निकालने की जरूरत नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई जैसी चिंताएं शॉर्ट टर्म में असर डाल सकती हैं। लेकिन लंबी अवधि में निवेश का नजरिया बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

अगर आपकी वित्तीय योजना और लक्ष्य पहले जैसे हैं, तो नियमित निवेश जारी रखना बेहतर रणनीति हो सकती है। साथ ही, नए निवेश करते समय वैल्यूएशन और जोखिम का ध्यान रखना चाहिए और किसी एक सेक्टर या थीम पर जरूरत से ज्यादा दांव लगाने से बचना चाहिए।

Afcons Infrastructure Share: अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर बने रॉकेट, जानिए वजह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।