रम और व्हिस्की ब्रांड्स पर FSSAI की कार्रवाई, बाजार से गायब हुए, ओल्ड मॉन्क,मैकडॉवेल्स,रॉयल चैलेंज और एन्टीक्विटी ब्लू

इस मामले में FSSAI ने महाराष्ट्र के 6 अन्य निर्माताओं को नोटिस भेजी है। आगे भी FSSAI की कार्रवाई संभव है। 2 कंपनियों की अपील पर FSSAI ने सशर्त राहत दी है। आर्टिफिशियल फ्लेवर और गलत लेबलिंग पर FSSAI का एक्शन देखने को मिला है। फ्लेवर मिलाकर रम-व्हिस्की जैसा स्वाद देने पर FSSAI की तरफ से कार्रवाई हुई है

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 5:20 PM
शराब कंपनियों पर FSSAI का बड़ा एक्शन हुआ है। कई रम और व्हिस्की ब्रांड्स पर FSSAI की कार्रवाई हुई है

क्या जिस शराब को कई साल पुरानी बताया जाता है,वह वाकई उतनी पुरानी होती है या फिर फ्लेवर मिलाकर उसे पुरानी रम और व्हिस्की का स्वाद दिया जाता है। FSSAI की सख्ती के बाद ओल्ड मॉन्क (Old Monk), मैकडॉवेल्स (McDowell's), रॉयल चैलेंज (Royal Challenge), एन्टीक्विटी ब्लू (Antiquity Blue)और बैगपाइपर (Bagpiper) जैसे कई बड़े ब्रांड्स बाजारों में नहीं मिल रहे। हालांकि कुछ कंपनियां FSSAI के खिलाफ अदालत पहुंच गई हैं।

क्या है पूरा ममाला, यह बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता रोहन सिंह ने कहा कि शराब कंपनियों पर FSSAI का बड़ा एक्शन हुआ है। कई रम और व्हिस्की ब्रांड्स पर FSSAI की कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई से कई रम और व्हिस्की ब्रांड्स की सप्लाई प्रभावित हुई है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाजारों में कई रम ब्रांड्स की सप्लाई प्रभावित हुई है। आर्टिफिशियल फ्लेवर और गलत लेबलिंग पर FSSAI का एक्शन देखने को मिला है। फ्लेवर मिलाकर रम-व्हिस्की जैसा स्वाद देने पर FSSAI की तरफ से कार्रवाई हुई है।

FSSAI का कहना है कि ओल्ड मॉन्क ट्रिपल एक्स रम (Old Monk XXX Rum) का '7 ईयर ओल्ड ब्लेंडेड'दावा भ्रामक पाया गया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशंस, 2018 के तहत, ब्लेंडेड स्पिरिट की उम्र का दावा उस ब्लेंड में मौजूद सबसे कम उम्र की स्पिरिट के आधार पर तय किया जाता है।


सरकार की तरफ से बताया गया है कि शराब बनाने वाली कुछ कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। इन कंपनियों पर आरोप है कि वे खाद्य सुरक्षा से जुड़े मौजूदा नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। इनमें ऐसे फ्लेवर का इस्तेमाल भी शामिल है जो रम और व्हिस्की जैसे आम अल्कोहलिक ड्रिंक्स की असली खुशबू और स्वाद की नकल करते हैं। जांच में पता चला है कि कुछ निर्माता मुख्य रूप से स्पिरिट या एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) से शराब बना रहे थे और फिर उसमें बाहरी फ्लेवर मिला रहे थे, ताकि रम और व्हिस्की जैसे उत्पादों जैसी खुशबू और स्वाद मिल सके।

FSSAI का बड़ा एक्शन

लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर, FSSAI ने मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर की खोपोली यूनिट, यूनाइटेड स्पिरिट्स की बारामती फैसिलिटी, मध्य प्रदेश में INBREW बेवरेजेज़, मध्य प्रदेश में एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज और मध्य प्रदेश में यूनाइटेड स्पिरिट्स की एक यूनिट द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आगे भी FSSAI की कार्रवाई संभव है। 2 कंपनियों की अपील पर FSSAI ने सशर्त राहत दी है। मौजूदा स्टॉक की बिक्री को शर्तों के साथ अनुमति मिली है। तत्काल राहत के लिए कंपनियां हाई कोर्ट जाएंगी। CIABC और ISWAI ने FSSAI के सामने इंडस्ट्री का पक्ष रखा है।

 

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 4 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।