Warren Buffett lessons: वॉरेन बफे ने हमेशा इन 2 नियमों का पालन किया, आप भी कर सकते हैं
Warren Buffett lessons:वॉरेन बफे की एक बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने निवेश को लेकर अपनी सोच और सिद्धांतों को कभी छुपाकर नहीं रखा। उन्होंने अपने अनुभव, समझ और ज्ञान को दूसरों के साथ भी शेयर किया। इस वजह से दुनियाभर के इनवेस्टर्स उनका सम्मान करते हैं
इनवेस्टमेंट की दुनिया ने बीते दशकों में कई बड़े बदलाव देखे, लेकिन निवेश को लेकर बफे की सोच में दलाव नहीं आया।
Warren Buffett lessons: दुनिया के दिगग्ज और मशहूर इनवेस्टर वॉरेन बफे 18 सितंबर को बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद से रिटायर हो गए। पिछले साल उन्होंने सीईओ का पद छोड़ दिया था। इनवेस्टमेंट की दुनिया ने बीते दशकों में कई बड़े बदलाव देखे, लेकिन निवेश को लेकर बफे की सोच में इस दौरान कोई बदलाव नहीं आया। यही बात उन्हें दूसरे बड़े इनवेस्टर्स से अलग करती है।
निवेश के अपने अनुभव को दुनिया के साथ शेयर किया
Warren Buffett की एक बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने निवेश को लेकर अपनी सोच और सिद्धांतों को कभी छुपाकर नहीं रखा। उन्होंने अपने अनुभव, समझ और ज्ञान को दूसरों के साथ भी शेयर किया। इस वजह से दुनियाभर के इनवेस्टर्स उनका सम्मान करते हैं। उनकी बातें काफी ध्यान से सुनते हैं। फिर वे शेयरों में निवेश से पैसे भी बनाते हैं।
शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भी धैर्य बनाए रखा
बफे ने कहा था कि अच्छी कंपनी के शेयर को तब खरीदें जब उसके शेयर की कीमत कम हो। जब कीमत बहुत ज्यादा हो तो शेयर से दूर रहें। एक बार इनवेस्ट करने के बाद शेयरों में निवेश को बनाए रखें। इस सोच के साथ उन्होंने अमेरिकी कंपनियों में निवेश से अकूत पैसा कमाया। बाजार में बीच-बीच में आने वाली बड़ी गिरावटों के बीच भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
निवेश में हमेशा वैल्यू इनवेस्टिंग पर दिया जोर
अच्छी कंपनी के शेयर को कम प्राइस पर खरीदने का नियम आसान लगता है। लेकिन, इस पर अमल कम इनवेस्टर्स ही कर पाते हैं। इनवेस्टमेंट के इस तरीके को 'वैल्यू इनवेस्टिंग' (value investing) कहा जाता है। अमेरिकी शेयर बाजारों में 1990 के दशक के डॉट कॉम बबल सहित कई बड़े उतार-चढ़ाव आए, लेकिन बफे के निवेश का तरीका नहीं बदला।
अपनी गलतियों के बारे में भी बताते थे बफे
हर साल मई के पहले शनिवार को बफे को सुनने के लिए 40,000 से ज्यादा लोग जुटते थे। इस दौरान बफे के करीब दोस्त और सहयोगी चार्ली मुंगेर भी होते थे, जिनका 2023 में देहांत हो गया। दोनों लोगों को बताते थे कि निवेश में किन बातों का ध्यान रखना और जरूरी है और मुश्किलों से कैसे पार पाना है। इतना ही नहीं वे अपनी गलतियों के बारे में भी बताते थे।
बफे से सीखी गई बातों का हमेशा मिलता है फायदा
बफे को करीब से जानने वाले और ओमाहा क रहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर टॉड फिंकल कहते हैं, "ऐसा कोई दिन नहीं होता है जब बफे से सीखी गई बातों का पॉजिटिव असर मेरे आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन पर नहीं पड़ता है।" उन्होंने बफे पर एक किताब भी लिखी है, जिसका नाम है, "
Warren Buffett: Investor and Entrepreneur"।
सबसे पहले रुपये-पैसे के बारे में नहीं करते थे बात
फिंकल बताते हैं कि वह जब अपने स्टूडेंट्स को बफे के पास सवाल और जवाब के लिए लाते थे तो बफे कभी भी पहले रुपये-पैसे से जुड़े मसलों के बारे में बात नहीं करते थे। उन्होंने कहा, "बफे पैसे के बारे में कुछ नहीं कहते थे। बफे कहते थे कि जिंदगी में आपके लिए सबसे जरूरी यह चुनाव है कि आप किससे शादी करने जा रहे है।"
बफे के निवेश के दो ही नियम थे। पहला, कभी पैसे मत डुबाओ। दूसरा, कभी पहले नियम को मत भूलो। उनका मानना था कि जब समय अच्छा होता है तो सब मुनाफा कमाते हैं, लेकिन समय खराब होते ही स्थिति पलट जाती है। खराब समय आने पर पता चलता है कि कौन लोग सबसे ज्यादा रिस्क ले रहे थे।