मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व चीफ डीलर, वीरेश जोशी (Viresh Joshi) सहित 20 लोगों को शेयर बाजार में भाग लेने से बंद कर दिया। यह कार्रवाई एक्सिस म्यूचुअल फंड से जुड़े फ्रंट रनिंग मामले (Front Running Case) में हुई है। SEBI ने कहा कि उसने कथित फ्रंट-रनिंग गतिविधियों के जरिए करीब साढ़े 30.5 करोड़ रुपये के गलत लाभ कमाने की पहचान की है और इस राशि को संबंधित संस्थाओं से जब्त करने का निर्देश दिया है। सेबी ने अपने आदेश में कहा, "एक्सिस म्यूचुअल फंड के तत्कालिक चीफ वीरेश जोशी को अपने बड़े क्लाइंट (Axis MF) की ओर से ऑर्डर देने से पहले विभिन्न सिक्योरिटीज मार्केट में कारोबार करते देखा गया था।"
सेबी ने आगे आरोप लगाया कि जोशी ने एक्सिस MF से फ्रंट रनिंग करने के लिए अन्य 'बेईमान संस्थाओं' के साथ "मिलकर" एक "फ्रॉड योजना" की साजिश रची।
सेबी ने अपने आदेश में दावा किया कि मुख्य डीलर के रूप में काम कर रहे जोशी के पास यह फैसला लेने का विवेक था कि एक्सिस MF के ऑर्डर कब दिए जाएंगे। जोशी से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी संस्थाओं और व्यक्तियों के ट्रेडिंग खातों से फ्रंट-रनिंग ट्रेडिंग ऑर्डर दिए गए थे।
Axis MF पर इस फैसले का कोई असर नहीं
रेगुलेटर ने म्यूचुअल फंड और इससे जुड़ी संस्थाओं को कारण बताओ आदेश भी जारी किया है। हालांकि, SEBI ने फंड हाउस के खिलाफ कोई निर्देश नहीं जारी किया है और इसका कारोबार इससे प्रभावित नहीं होगा।
फ्रंट-रनिंग, शेयर बाजार में कारोबार करने का एक अनैतिक तरीका है। जब कोई एसेट मैनेजर अपने किसी बड़े ग्राहक का ऑर्डर देने से पहले अपनी व्यक्तिग कमाई के लिए उन्हीं शेयरों में पहले से पोजिशन ले लेता है, तो उसे फ्रंट-रनिंग कहते हैं। SEBI ने इस मामले में सितंबर 2021 और 31 मार्च 2022 के बीच जांच किया था।