Mutual Funds की बदली पसंद-नासपंद, इन शेयरों पर आया दिल तो इनसे भरा मन

Mutual Fund Holding: पिछले महीने जुलाई में म्यूचुअल फंड के पोर्टफोलियो में काफी बदलाव दिखा। जून में टेक स्टॉक्स पर दांव रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाने के बाद जुलाई में इसने रॉकेट की स्पीड से वापसी की तो दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों समेत कई सेक्टर्स का वेटेज हल्का हुआ। स्टॉकवाइज भी एयरटेल में होल्डिंग वैल्यू सबसे तेज बढ़ी तो इन स्टॉक्स में तेजी से घटी। डिटेल्स में पढ़ें

अपडेटेड Aug 13, 2026 पर 2:32 PM
जुलाई में SIP के जरिए ₹31,960 करोड़ का निवेश आया जो मासिक आधार पर 0.6% और सालाना आधार पर 12.3% अधिक है।

Mutual Fund Holding: म्यूचुअल फंड्स ने जुलाई में टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और ई-कॉमर्स शेयरों में अपना दांव बढ़ाया है। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स, ऑयल एंड गैस और कुछ अन्य सेक्टर्स में एक्सपोजर कम किया है। यह जानकारी मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की लेटेस्ट फंड फोलियो रिपोर्ट में सामने आई है। म्यूचुअल फंड के पोर्टफोलियो में टेक स्टॉक्स का वजन जून महीने में 5.9% के रिकॉर्ड निचले स्तर से बढ़कर 6.6% पर पहुंच गया तो ऑटोमोबाइल सेक्टर में लगातार तीसरे महीने दांव बढ़ा और 8.9% हो गया। इसके अलावा ई-कॉमर्स में भी वेटेज लगातार तीसरे महीने बढ़कर 3.1% के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।

यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब निफ्टी जुलाई महीने में 2.2% मजबूत होकर 24,384 पर बंद हुआ। पांच महीने बाद यह जुलाई महीने में 24 हजार के पार पहुंचा और लगातार दूसरे महीने मजबूत हुआ।

इन सेक्टर्स में बढ़ा दांव


जुलाई में म्यूचुअल फंड का दांव सबसे तेजी से जिन सेक्टर्स में बढ़ा, उनमें टेक सेक्टर भी एक है। जुलाई में इसका पोर्टफोलियो वेटेज मासिक आधार पर 70 बेसिस पॉइंट बढ़कर 6.6% हो गया। हालांकि इसके बावजूद सालाना आधार पर यह 140 बेसिस प्वाइंट्स कम है। इससे पहले जून में इसका वेटेज 5.9% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी म्यूचुअल फंड्स की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है और इसका वेटेज 30 बेसिस पॉइंट बढ़कर 8.9% हो गया। सालाना आधार पर यह 80 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा है।

म्यूचुअल फंड का ई-कॉमर्स में दांव मासिक आधार पर 30 बेसिस पॉइंट बढ़कर 3.1% हो गया। लगातार तीसरे महीने यह बढ़ा और रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। सालाना आधार पर ई-कॉमर्स का वेटेज 80 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा है।

इन सबसे अलावा म्यूचुअल फंड्स ने हेल्थकेयर, एनबीएफसी-लेडिंग और टेलीकॉम सेक्टर में भी अपना दांव बढ़ाया है।

इन सेक्टर्स में घटाया दांव

म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा हिस्सा प्राइवेट बैंकों का है लेकिन इसका वेटेज जुलाई में घटकर 17.4% रह गया। मासिक और सालाना आधार पर यह 50 बेसिस पॉइंट्स कम है।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक जुलाई में कैपिटल गुड्स पर दांव में भी गिरावट देखने को मिली। जून में 24 महीने के हाई लेवल 8.1% पर पहुंचने के बाद जुलाई में इसका वेटेज घटकर 7.6% रह गया। हालांकि सालाना आधार पर अभी भी यह 30 बेसिस पॉइंट्स अधिक है।

इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स का यूटिलिटीज, ऑयल एंड गैस, PSU बैंक, रिटेल, इंश्योरेंस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी एक्सपोजर कम हुआ है।

NBFC और हेल्थकेयर सबसे ज्यादा ओवरवेट

BSE 200 से म्यूचुअल फंड्स के निवेश की तुलना पर सेक्टर आवंटन में भी स्पष्ट बदलाव नजर आया। एनबीएफसी-नॉन-लेंडिंग और हेल्थकेयर ऐसे सेक्टर रहे, जहां सबसे ज्यादा फंड्स कम से कम 1 पर्सेंटेज प्वाइंट ओवरवेट थे। ऐसे फंड्स की संख्या 15-15 रही। इसके बाद ई-कॉमर्स में 10 फंड्स ओवरवेट थे तो कैपिटल गुड्स और केमिकल्स में 9-9 फंड्स ओवरवेट थे।

दूसरी तरफ ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा फंड्स अंडरवेट थे। कुल 19 फंड्स BSE 200 में इसके वेटेज की तुलना में कम निवेश किए हुए थे। इसके बाद प्राइवेट बैंक रहे, जहां 15 फंड्स अंडरवेट थे। कंज्यूमर में 14, PSU बैंक में 12 और यूटिलिटीज में 11 फंड्स अंडरवेट रहे।

सबसे ज्यादा Bharti Airtel और Infosys में बढ़ी म्यूचुअल फंड होल्डिंग

स्टॉकवाइज बात करें तो अलग-अलग सेक्टर में भी म्यूचुअल फंड की होल्डिंग में फर्क दिखा। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार म्यूचुअल फंड होल्डिंग की वैल्यू मासिक आधार पर सबसे अधिक भारती एयरटेल में बढ़ी। इसके बाद इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, जोमैटो की एटर्नल, टीसीएस, टोरेंट फार्मा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और अदाणी एंटरप्राइजेज का नंबर रहा।

वहीं दूसरी तरफ जुलाई में म्यूचूअल फंड्स की वैल्यू सबसे अधिक एचडीएफसी बैंक में गिरी। इसके बाद उनकी वैल्यू सबसे अधिक एक्सिस बैंक, एलएंडटी, वरुण बेवरेजेज, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, एवेन्यू सुपरमार्ट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा और एनटीपीसी में कम हुई।

रिकॉर्ड हाई पर Mutual fund AUM

जुलाई में इक्विटी स्कीम्स की बिक्री 2.3% बढ़कर ₹79,800 करोड़ हो गई तो रिडेम्पशन भी 9.1% बढ़कर ₹53,600 करोड़ हो गया। इसके साथ ही जुलाई में नेट इक्विटी इनफ्लो ₹26,200 करोड़ रहा, जो जून के ₹28,900 करोड़ से कम है। हालांकि SIP में निवेश मजबूत बना रहा। जुलाई में SIP के जरिए ₹31,960 करोड़ का निवेश आया जो मासिक आधार पर 0.6% और सालाना आधार पर 12.3% अधिक है।

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