क्रेडिट कार्ड से देते हैं मकान का किराया! ये 5 गलतियां पड़ सकती है महंगा

5 Mistakes in Paying Rent Online: क्रेडिट कार्ड ने आम लोगों को काफी सहूलियत दी है और इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ भी रहा है। इसके जरिए सिर्फ लोन की ही किश्तें नहीं भरी जा रही बल्कि घर का किराया भी मकान मालिक को दिया जा रहा। हालांकि कुछ ऐसी 5 आम गलतियां हैं, जिनसे नहीं बचे तो क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाना काफी महंगा पड़ सकता है। डिटेल्स में पढ़ें

अपडेटेड Aug 13, 2026 पर 1:29 PM
क्रेडिट कार्ड से किराए देने का मतलब ये नहीं है कि अपने आप यह क्रेडिट रिपोर्ट में दिखने लगेगा। (File Photo- Pexels)

5 Mistakes in Paying Rent Online: आप कहीं किराए पर रह रहे हैं तो उसका किराया ऑनलाइन देना महज कुछ क्लिक में हो सकता है। यह बहुत आसानी से होता है लेकिन अगर आप अपने मकानमालिक को किराया देने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो हर महीने के इस खर्च का असर कई चीजों पर पड़ता है जैसे कि उधार लेने की लागत, क्रेडिट यूटिलाइजेशन और कुछ मामलों में आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि क्रेडिट कार्ड से किराया देने से पहले 5 गलतियों से बचा जाना चाहिए, जिनके बारे में नीचे दिया जा रहा है।

बचें इन 5 गलतियों से

बिना फीस चेक किए क्रेडिट कार्ड से किराया देना

क्रेडिट कार्ट से किराए का पेमेंट करने पर कंविएंस या प्रोसेसिंस फीस देनी पड़ सकती ह। इसेस 2% तक का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। ऐसे में ₹30 हजार के किराए पर 2% का मतलब हर महीने ₹600 यानी एक साल में ₹7200 और देने पड़ेंगे। इसका मतलब हुआ कि टैक्स जोड़ने से पहले ही यह रकम इतनी हो सकती है कि ट्रांजैक्शन पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स का फायदा खत्म हो जाए। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी अपने एक ब्लॉग में क्रेडिट कार्ड से किराया देते समय अतिरिक्त शुल्क और रिवॉर्ड से होने वाले फायदे की तुलना करने की सलाह दी है।


क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करता है रेंट, यह भूल जाना

अगर आपकी क्रेडिट कार्ड लिमिट ₹1 लाख है और आप ₹40,000 का किराया कार्ड से भरते हैं, तो आपके पास जितनी क्रेडिट लिमिट है, उसका 40% इस्तेमाल हो जाता है, वह भी आपके अन्य खर्चों को जोड़ने से पहले। इससे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो बढ़ जाता है, जिसकी क्रेडिट स्कोर तय करने में बड़ी भूमिका होती है। लगातार अधिक क्रेडिट यूटिलाइजेशन से क्रेडिट प्रोफाइल को नुकसान हो सकता है। फिनटेक प्लेटफॉर्म RentenPe की को-फाउंडर और सीईओ सारिका शेट्टी के मुताबिक क्रेडिट कार्ड से किराया देने पर यह क्रेडिट यूटिलाइजेशन में जुड़ता है और इसका बिल तय तारीख से पहले नहीं भरा तो जिस खर्च को सामान्य मासिक खर्च होना चाहिए था, उस पर भारी ब्याज देना पड़ सकता है।

सिर्फ मिनिमम अमाउंट का पेमेंट करना

क्रेडिट कार्ड बिल पर मिनिमम अमाउंड ड्यू देखकर बिल कम और आसानी से चुकाने लायक लग सकता है, लेकिन बाकी पैसे पर ब्याज बनता रहेगा। अगर आप किराए के पैसों को अगले महीने तक ले जाते हैं, तो ब्याज जुड़ना शुरू हो सकता है। इस तरह क्रेडिट कार्ड से किराया देने की वास्तविक लागत काफी बढ़ सकती है, खासकर जब पूरा बिल समय पर नहीं चुकाया जाता।

यह मान लेना कि यूपीआई से किराया देने पर बनेगा क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट कार्ड से किराए देने का मतलब ये नहीं है कि अपने आप यह क्रेडिट रिपोर्ट में दिखने लगेगा। सारिका के मुताबिक आमतौर पर यूपीआई या बैंक ट्रांसफर से किराए के पेमेंट की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को उस तरह नहीं दी जाती, जैसे लोन और क्रेडिट कार्ड के पेमेंट की जानकारी दी जाती है। ऐसे में सकता है कि कोई किराएदार हर महीने समय पर किराया देता हो, लेकिन उसके क्रेडिट हिस्ट्री में ये पेमेंट न दिखें। कुछ फिनटेक प्लेटफॉर्म किराए की रिपोर्टिंग करती हैं या दूसरे स्कोरिंग प्रोडक्ट्स की सुविधा देती है लेकिन किराया देने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि असल में क्या रिपोर्ट किया जा रहा है और क्या इससे क्रेडिट ब्यूरो स्कोर पर असर पड़ता है या यह सिर्फ उस प्लेटफॉर्म का अपना अलग स्कोर है।

पेमेंट डेडलाइन से चूक जाना

अगर आप क्रेडिट कार्ड से किराया देते हैं लेकिन उसके बाद आने वाले क्रेडिट कार्ड बिल की ड्यू डेट चूक जाते हैं, तो यह देरी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को झटका दे सकती है। इसके अलावा ब्याज और कुछ चार्जेज देने पड़ सकते हैं। सारिका शेट्टी के मुताबिक सिर्फ एक बार भी पेमेंट की ड्यू डेट से चूके तो क्रेडिट स्कोर को काफी नुकसान पहुंच सकता है।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर!

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।