Nikhil Kamath के निवेश वाली गृहास का तीन फंडों के जरिये 2,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

सभी तीन फंड कैटेगरी 2 एआईएफ के होंगे, कामत और पई के पास संयुक्त रूप से गृहास का स्वामित्व है जो एआईएफ को स्पांसर करने वाली जनरल पार्टनर होगी

अपडेटेड Dec 21, 2021 पर 11:03 AM
निखिल कामत के निवेश वाली Gruhas की रियल्टी सेक्टर में निवेश की योजना

Nikhil Kamath : निखिल कामत और अभिजीत पई की बराबर हिस्सेदारी वाली एक प्रॉपटेक इनवेस्टमेंट फर्म गृहास (Gruhas) अगली कुछ तिमाहियों के दौरान अपने तीन फंडों के जरिये से 2,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। पई एक माइनिंग और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी पुज्जोलाना मशीनरी फैब्रिकेटर्स के प्रेसिडेंट हैं।

तीनों फंड क्रमशः प्रॉप टेक और नई पीढ़ी के मैटेरियल में रियल एस्टेट डेट और इक्विटी इनवेस्टमेंट पर केंद्रित हैं।

यह 3-4 साल में 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न का लक्ष्य

रियल एस्टेट डेट फंड गृहास को 500 करोड़ रुपये के टारगेट साइज के साथ लॉन्च किया गया था। यह ऐसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो पूरा होने और प्लॉटिंग के करीब हैं। यह 3-4 साल की अवधि में 20 फीसदी से ज्यादा के इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (आईआरआर) के लक्ष्य को लेकर चल रहा है। जल्द ही लॉन्च होने वाली प्रॉप टेक कंपनी रियल एस्टेट, वाटर मीटरिंग और बजट सेगमेंट (15-35 लाख रुपये) के लिए होम लोन प्लेटफॉर्म्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स में निवेश करेगी। रियल एस्टेट सेक्टर में ज्यादातर इनवेस्टर्स को पूरी प्रॉपर्टी के बजाय घरों और ऑफिसेस के एक छोटे हिस्सा लेने की अनुमति होती है। नई पीढ़ी के मैटेरियल्स पर केंद्रित तीसरा फंड वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में लॉन्च किया जाएगा। प्रॉपटेक और मैटेरियल्स फंड्स के 5-7 साल की अवधि के होने का अनुमान है। पई ने कहा, “हमें हर इक्विटी फंड्स से 35 फीसदी सीएजीआर का अनुमान है।”


MapmyIndia के शेयरों की दमदार लिस्टिंग, इश्यू प्राइस से 53% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ शेयर

फ्रैक्शनल ओनरशिप लेने की है योजना

सभी तीन फंड कैटेगरी 2 एआआईफ के होंगे। कामत और पई के पास संयुक्त रूप से गृहास का स्वामित्व है, जो एआईएफ को स्पांसर करने वाली जनरल पार्टनर होगी। गृहास के पास जीपी एंटिटी में 50 फीसदी स्टेक होगी।

कामत के मुताबिक, उनकी ऐसी कंपनियों या प्लेटफॉर्म्स में इनवेस्ट करके रियल एस्टेट इनवेस्टिंग को व्यवस्थित करने की योजना है जो फ्रैक्शनल यानी आंशिक ओनरशिप की पेशकश करती हैं। उन्होंने कहा, रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (रीट्स) छोटे इनवेस्टर्स को डायवर्सिफाइड तरीके से कमर्शियल रियल एस्टेट में इनवेस्ट करने का मौका देते हैं, लेकिन कुछ विशेष प्रॉपर्टीज में नहीं जिन पर इनवेस्टर बुलिश हो सकता है।

कामत जिरोधा (Zerodha) के कोफाउंडर हैं और वह एक अल्टरनेटिव एसेट्स मैनेजर ट्रू बीकॉन के फाउंडर हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।