म्यूचुअल फंड्स स्कीमों (Mutual Funds Schemes) के लिए अगर फीस की सीमा तय की जाती है तो एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के प्रॉफिट में 30 फीसदी कमी आ सकती है। बड़ी एएमसी पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। उनके प्रॉफिट में 50 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। बड़े एएमसी की फीस में कमी आने से इस सेक्टर में कंसॉलिडेशन और विलय एवं अधिग्रहण (M&A) में भी कमी आ सकती है। जेफरीज की रिपोर्ट में यह कहा गया है। इसमें कहा गया है कि इक्विटी-लिंक्ड TER में बदलाव की वजह से पॉफिट पर पड़ने वाला अंतर 30 फीसदी तक हो सकता है।
