स्टॉक्स मार्केट (Stock Markets) में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई। पिछले हफ्ते भी बाजार में गिरावट आई थी। दरअसल, पिछले हफ्ते के सोमवार के बाद से मार्केट करीब लगातर गिर रहे हैं। इस हफ्ते सोमवार को बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। सेंसेक्स (Sensex) 1545 अंक गिरकर बंद हुआ। पिछले हफ्ते के सोमवार (17 जनवरी) बाद से अब तक सेंसेक्स 4,032 अंक गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 (Nifty) में 1,157 अंक की गिरावट आई है। इस गिरावट ने रिटेल इन्वेस्टर्स को डरा दिया है। कई इन्वेस्टर्स मार्केट से अपना पैसा निकालने के बारे में सोच रहे हैं। सवाल है कि क्या ऐसा करना सही है? रिटेल इन्वेस्टर्स को अभी क्या करना चाहिए? आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
अगर आप एक रिटेल इन्वेस्टर्स हैं और मार्केट में पैसा लगाया हुआ है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। डरने की जरूरत उन लोगों को है, जिन्होंने फटाफट पैसे बनाने के लिए मार्केट का रुख किया था। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होना सामान्य बात है। कभी इसकी वजह डोमेस्टिक फैक्टर्स होते हैं तो कभी एक्सटर्नल फैक्टर्स। इस बार मार्केट में एक्सटर्नल फैक्टर्स की वजह से गिरावट आ रही है। यहीं वजह है कि सिर्फ इंडिया में नहीं बल्कि दुनियाभर के बाजारों में कमजोरी दिख रही है।
शेयर मार्केट की इस गिरावट से आप डर रहे हैं तो आपको मार्च 2020 में आई गिरावट को याद करना चाहिए। कोरोना की महामारी फैलने की खबर से दुनियाभर के स्टॉक मार्केट्स में कत्लेआम मच गया था। 23 मार्च को सेंसेक्स 3,934 अंक गिरकर 25,981 अंक पर आ गया था। निफ्टी 1,135 अंक गिरकर 7,610 अंक पर ठहरा था। तब से दोनों ही सूचकांक दोगुना से ज्यादा हो चुके हैं। हालिया गिरावट के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी 23 मार्च 2020 के मुकाबले डबल लेवल पर हैं। यह इस बात का सबूत हैं कि मार्केट हर बड़ी गिरावट के बाद रिकवर करने में कामयाब रहा है।
स्टॉक मार्केट के लिए सबसे बड़ा खतरा कोरोना की महामारी रही है। अच्छी बात यह है कि अब यह खतरा कम होता दिख रहा है। ओमीक्रॉन ज्यादा जानलेवा साबित नहीं हुआ है। ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इससे आगे साल 2020 जैसा लॉकडाउन लगने की उम्मीद नहीं है, जिसके चलते आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ गई थी। इसलिए हालिया उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द बाजार इससे उबरने में कामयाब रहेगा।
आपको मार्केट में अपना निवेश बनाए रखने की जरूरत है। अगर आपने लंबी अवधि के लिए इन्वेस्ट किया है तो आपको रोजाना सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़ों पर नजर रखने की जरूरत नहीं है। आपको दूसरों की बातें सुनने और उनके नक्शेकदम पर भी चलने की जरूरत नहीं है। मार्केट की गिरावट से वे लोग ज्यादा घबरातें हैं जो दूसरों की देखादेखी बगैर रिसर्च शेयरों में पैसा लगाते हैं और फटाफट अपना पैसा दोगुना हो जाने का इंतजार करते हैं।
अगर आप सिप के जरिए इक्विट फंडों (Equity Funds) में निवेश कर रहे हैं तो आपको अपना सिप बंद नहीं करना चाहिए। यह गिरावट आपके लिए फायदेमंद रहेगी। मार्केट गिरने पर आपको सिप में ज्यादा यूनिट्स एलॉट होंगे। इससे म्यूचुअल फंड से मिलने वाला आपका रिटर्न बढ़ जाएगा। इस गिरावट के मौके को आप खरीदारी के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। हां, आपको ध्यान रखना होगा कि पूरा पैसा एक बार में इनवेस्ट नहीं करें।