N Chandrasekaran Resigns as Tata Sons Chairman: भारतीय कॉरपोरेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज, 12 अगस्त 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखरन दोबारा चेयरमैन पद पर पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे, हालांकि वे अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे।
इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की पूर्व रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की धर्मार्थ शाखा टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन को फिर से चेयरमैन बनाए जाने के कदम का विरोध किया था। इसके बाद, फरवरी में टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन को दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने के फैसले को टाल दिया था। ट्रस्ट्स के साथ इस मतभेद की पृष्ठभूमि के बीच एन चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद आगे पद पर न रहने का फैसला किया है।
39 साल पुराना टाटा ग्रुप से नाता
एन चंद्रशेखरन का टाटा समूह के साथ सफर लगभग चार दशकों का रहा है:
1987 में शुरुआत: चंद्रशेखरन 1987 में टाटा ग्रुप से जुड़े थे।
TCS के CEO: अपनी काबिलियत के दम पर वे साल 2009 में देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के सीईओ बने।
टाटा संस के चेयरमैन: साइरस मिस्त्री के हटने के बाद, साल 2017 में उन्हें टाटा संस के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वे टाटा संस की कमान संभालने वाले पहले गैर-पारसी पेशेवर थे।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियां
2017 में टाटा संस की कमान संभालने के बाद चंद्रशेखरन ने ग्रुप को कई ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्होंने घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी 'एयर इंडिया' का अधिग्रहण कर उसकी टाटा ग्रुप में वापसी कराई। ग्रुप के डिजिटल बिजनेस को नई रफ्तार दी और 'Tata Neu' जैसा सुपर ऐप लॉन्च किया। टाटा मोटर्स को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में लीडर बनाया और देश में विशाल सेमीकंडक्टर प्लांट की नींव रखी।
चंद्रशेखरन के इस फैसले के बाद अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कॉरपोरेट घराने यानी टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा।