Nestle India Share Price : शुक्रवार को नेस्ले इंडिया लिमिटेड के शेयरों में लगभग 3% की गिरावट आई है। ऐसी खबर आई है कि FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने मैगी के एक पैकेट में कीड़े या लार्वा मिलने की शिकायत के मामले में कंपनी को नोटिस जारी किया है। इस खबर के बाद नेस्ले इंडिया लिमिटेड के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है। फिलहाल,2.45 बजे के आसपास यह शेयर 43.40 रुपए यानी 3.05 फीसदी की गिरावट के साथ 1378 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है।
FSSAI ने नेस्ले को नोटिस जारी करते हुए संबंधित बैच के स्रोत और सप्लायर की जानकारी,आंतरिक गुणवत्ता जांच रिपोर्ट के साथ यह विवरण भी मांगा है कि ऐसे उत्पादों को बाजार और सप्लाई चेन से हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए उपायों की जानकारी भी मांगी गई है।
फ़्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सिक्रेट को भी नोटिस जारी
ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक,FSSAI ने सोशल मीडिया पर चल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए कई कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। रेगुलेटर ने फ़्लिपकार्ट इंडिया और ओपन सिक्रेट को भी नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इस आरोप पर जारी किया गया है कि फ़्लिपकार्ट मिनट्स के ज़रिए डिलीवर किए गए ओपन सीक्रेट अन-जंक्ड डेट्स (Open Secret Un-junked Dates) में कीड़े पाए गए थे। FSSAI ने उस खास समय के लिए इंटरनल क्वालिटी चेक लॉग,किए गए सुधारात्मक उपायों की जानकारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा है।
FSSAI ने KFC को भी भेजा नोटिस
इसके अलावा,FSSAI ने आंध्र प्रदेश के एलुरु में MVR मॉल में मौजूद KFCआउटलेट पर साफ़-सफ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक नोटिस जारी किया है। फ़ूड रेगुलेटर ने फ़ूड बिज़नेस ऑपरेटर (FBO) से साफ़-सफ़ाई,सैनिटेशन,फ़ूड हैंडलिंग,स्टोरेज,वेस्ट मैनेजमेंट,पेस्ट कंट्रोल और कर्मचारियों की साफ़-सफ़ाई से जुड़ी कमियों की पहचान करने और उनकी रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही,उठाए गए सुधारात्मक और बचाव वाले कदमों की जानकारी और उनकी पुष्टि करने वाले दस्तावेजी सबूत भी मांगे गए हैं।
सोशल मीडिया प्लैटफार्म पर सामने आईं शिकायतों की जांच के बाद फ़ूड रेगुलेटर ने यह कार्रवाई की है। कंपनियों और रेगुलेटर से और जानकारी का इंतजार है। वहीं, FSSAI ने स्पष्ट किया है कि वह सोशल मीडिया पर आने वाली उपभोक्ता शिकायतों की लगातार निगरानी कर रहा है। अगर जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।