पांच महीने बढ़ने के बाद अगस्त में 18% घटी नए निवेशकों की संख्या, इस कारण बदला मूड

पांच महीने लगातार बढ़ने के बाद पिछले महीने अगस्त में नए निवेशकों की संख्या में गिरावट आई और यूपी-महाराष्ट्र जैसे बड़े-बड़े राज्यों से भी ऐसे ही रुझान सामने आए। जानिए नए निवेशकों की संख्या में यह गिरावट क्यों आई, इसे लेकर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है? वहीं जानिए कि जिन पांच राज्यों से सबसे अधिक नए खाते खुले, वहां क्या स्थिति है?

अपडेटेड Sep 16, 2025 पर 1:25 PM
क्या स्टॉक मार्केट में नए निवेशकों की दिलचस्पी कम हो रही है? जुलाई महीने की तुलना में पिछले महीने अगस्त में नए निवेशकों की संख्या 18.3% कम हो गई।

क्या स्टॉक मार्केट में नए निवेशकों की दिलचस्पी कम हो रही है? जुलाई महीने की तुलना में पिछले महीने अगस्त में नए निवेशकों की संख्या 18.3% कम हो गई। इसके साथ ही चार महीने से नए निवेशकों की बढ़ती संख्या का ट्रेंड थम गया। एनएसई मार्केट पल्स (NSE Market Pulse) रिपोर्ट के लेटेस्ट एडिशन से इसका खुलासा हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी वजह मार्केट में भारी उठा-पटक है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि क्लाइंट्स की कुल संख्या अभी भी बढ़ ही रही है यानी कि नए निवेशकों जुड़ने की रफ्तार भले ही सुस्त हुई हो लेकिन निवेशकों की कुल संख्या में इजाफा हो रहा है।

एनएसई की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई महीने में 15.1 लाख नए खाते खुले थे जोकि अगस्त महीने में गिरकर 12.3 लाख पर आ गया। पिछले साल अगस्त महीने में 19.5 लाख खुले थे यानी कि इस बार अगस्त में नए खातों की संख्या में करीब 37% की गिरावट आई। हालांकि टोटल रजिस्टर्ड इंवेस्टर बेस बढ़कर 11.9 करोड़ पर पहुंच गया। एनएसई के मार्केट पल्स रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2026 के पहले पांच महीने यानी अप्रैल से अगस्त में 99.8 लाख नए निवेशक मार्केट में आए जोकि पिछले वित्त वर्ष 2025 की समान अवधि में 1.6 करोड़ से काफी कम है।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?


वेंचुरा सिक्योरिटीज के जुजर गाबाजीवाला (Juzer Gabajiwala) का मानना ​​है कि नए निवेशकों की संख्या में कमी बाजार में जारी गिरावट के चलते है। उनका मानना है कि स्मॉलकैप और अन्य सेगमेंट में गिरावट आ रही है और सबसे अधिक खुदरा निवेशक यहां एक्टिव हैं। हालांकि ओवरऑल उनका मानना है कि एक्टिव यूजर्स की संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है। हालांकि बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और फेस्टिव सीजन के चलते यह सुस्ची अगले महीने तक जारी रह सकती है।

फिसडम के नीरव करकेरा (Nirav Karkera) का कहना है कि नियमों में बदलाव और बाजार की सुस्त चाल ने ट्रेडिंग वॉल्यूम को कम कर दिया है, जबकि कई संभावित निवेशक पहले से ही बाजार में एंट्री कर चुके हैं। नीरव के मुताबिक स्वाभाविक रूप से इससे ग्रोथ सुस्त होती है लेकिन बाजार की स्थितियों के हिसाब से निवेशकों की भागीदारी में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।

राज्यवार क्या है स्थिति?

पिछले महीने अगस्त में नए निवेशकों की संख्या में गिरावट आई और यह गिरावट कुछ ही राज्यों या इलाकों तक सीमित नहीं रहा। मार्केट पल्स की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने अगस्त में जितने नए खाते खुले, उसमें से 46% यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से खुले लेकिन जुलाई की तुलना में इनकी संख्या में कुल मिलाकर 17.5% की गिरावट आई। सबसे अधिक निवेशकों को जोड़ने में यूपी अभी भी सबसे आगे है। इसने 1.7 लाख नए निवेशक अगस्त में जोड़े लेकिन जुलाई की तुलना में इसमें 13.4% और पिछले साल अगस्त महीने की तुलना में 40.1% की गिरावट आई। इसके बाद महाराष्ट्र ने अगस्त महीने में 1.4 लाख निवेशक जोड़े जोकि जुलाई की तुलना में 24.1% कम रहा। गुजरात ने 1.1 लाख निवेशक जोड़े जोकि मासिक आधार पर 18.5% कम हुआ। तमिलनाडु की बात करें तो अगस्त महीने में यहां से 90 हजार नए खाते खुले जोकि मासिक आधार पर 17.2% कम रहा। पश्चिम बंगाल से 60 हजार नए खाते खुले और मासिक आधार पर इसमें 20.7% की गिरावट आई।

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