Nifty साल के अंत तक पार कर सकता है 21000 का स्तर, अब लॉर्ज कैप पकड़ेंगे रफ्तार

रोहित ने कहा कि परंपरागत रूप से जैसे-जैसे बाजार नई ऊंचाई पर पहुंचता है, लॉन्ग साइड की ओर झुकाव बढ़ता जाता है जो अक्सर ऊपर की ओर संभावित ओवरएक्सटेंशन का संकेत देने से पहले 50,000 से 60,000 कॉन्ट्रैक्ट या यहां तक कि 1 लाख कॉन्ट्रैक्ट तक पहुंच जाता है। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि आगे अभी और तेजी देखने को मिल सकती है

अपडेटेड Dec 05, 2023 पर 12:44 PM
टेक्निकल आंकड़ों से इस बात के पुख्ता संकेत मिलते हैं निफ्टी आने वाले हफ्तों में नई ऊंचाइयां हासिल करता दिख सकता है।

भारतीय बाजारों में 5 दिसंबर को लगातार छठे कारोबारी सत्र में रैली जारी है। आज की तेजी में निफ्टी 20800 के स्तर को पार कर गया। इंडियाचार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव का कहना है कि निफ्टी इस साल के अंत तक या जनवरी 2024 के पहले सप्ताह में 21,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर सकता है। उनके मुताबिक टेक्निकल आंकड़ों से इस बात के पुख्ता संकेत मिलते हैं निफ्टी आने वाले हफ्तों में नई ऊंचाइयां हासिल करता दिख सकता है।

नवंबर की शुरुआत से ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई थी जो दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड स्तर था। इस शॉर्ट्स को कवर किया जाना था। दिलचस्प बात यह है कि यह कवरिंग एक्सपायरी के बाद पिछले हफ्ते ही शुरू हुई थी। श्रीवास्तव ने कहा, 1 दिसंबर तक शॉर्ट पोजीशन लगभग 47,000 कॉन्ट्रैक्ट तक घट गई थी। फिर भी शॉर्ट करने का नजरिया बरकरार था।

उन्होंने आगे कहा कि परंपरागत रूप से जैसे-जैसे बाजार नई ऊंचाई पर पहुंचता है, लॉन्ग साइड की ओर झुकाव बढ़ता जाता है जो अक्सर ऊपर की ओर संभावित ओवरएक्सटेंशन का संकेत देने से पहले 50,000 से 60,000 कॉन्ट्रैक्ट या यहां तक कि 1 लाख कॉन्ट्रैक्ट तक पहुंच जाता है। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि आगे अभी और तेजी देखने को मिल सकती है।


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बाजार का आगे का आउटलुक

रोहित श्रीवास्तव ने मनीकंट्रोल से बात करते हुए आगे कहा कि इस साल के अंत या जनवरी 2024 के पहले हफ्ते तक निफ्टी में 21,000 तक की तेजी दिखने की संभावना है लेकिन मौसमी चुनौतियों को ध्यान में रखना जरूरी है जो आम तौर पर नए कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में उभरती है। इसे अक्सर जनवरी के विराम के रूप में पहचाना जाता है। बजट नजदीक आ गया है। इस पर बात करते हुए रोहित ने कहा कि इस साल का बजट वोट-ऑन-अकाउंट होने के बावजूद इस मौसमी असर बना हुआ है।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि हाल की जोरदार तेजी के बाद अब मिड-कैप इंडेक्स में मंदी की संभावना दिख रही है। जबकि लार्ज कैप में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा 2023 में पिछड़ गया बैंकिंग सेक्टर अब तेजी पकड़ने के लिए तैयार नजर आ रहा है।

 

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