Nifty 50 के 20 साल के रिटर्न का महा-कैलकुलेशन: मंदी, क्रैश और महामारी झेलने के बाद भी मिला इतना बंपर रिटर्न, आंकड़े देख चौंक जाएंगे आप
Nifty 50 20 Years Historical Returns Analysis: निफ्टी 50 ने पिछले एक साल में -5.56 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है। इसे देखकर कई निवेशक असमंजस में हैं। वे सोच रहे हैं कि क्या वाकई लंबी अवधि में शेयर बाजार से तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है? समझिए 20 कसाल के इस विश्लेषण से पूरा सिनेरियो
आप बाजार में जितने लंबे समय तक टिके रहेंगे, आपका मुनाफा उतना ही पक्का और शानदार होगा
Nifty 50 Long Term Investment Returns: शेयर बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव और निफ्टी 50 के पिछले एक साल के -5.56 प्रतिशत के नेगेटिव रिटर्न को देखकर कई निवेशक असमंजस में हैं। वे सोच रहे हैं कि क्या वाकई लंबी अवधि में शेयर बाजार से तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है?
इस सवाल का जवाब जानने के लिए फंड्सइंडिया ने साल 2000 से 2025 तक के निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (Nifty 50 TRI) के रोलिंग रिटर्न का एक ऐतिहासिक विश्लेषण किया है। इस डेटा से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है कि, आप बाजार में जितने लंबे समय तक टिके रहेंगे, आपका मुनाफा उतना ही पक्का और शानदार होगा। आइए समझते हैं कि 20 साल तक निवेशित इंवेसटेड रहने पर निफ्टी ने कैसा जादुई रिटर्न दिया है।
20 साल तक बाजार में टिके रहने का जादू
अगर आपने निफ्टी 50 में पूरे 20 साल के लिए पैसा लगाया होता, तो रिटर्न के आंकड़े बेहद हैरान करने वाले और राहत देने वाले हैं:
बाजार के बड़े झटके भी रहे बेअसर: इस 20 साल की अवधि में वे निवेशक भी शामिल थे जिन्होंने साल 2000 का डॉट-कॉम क्रैश, 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी जैसी भयंकर गिरावटों को झेला था।
औसत रिटर्न 14% रहा: इतनी बड़ी-बड़ी ऐतिहासिक गिरावटों के बावजूद, 20 साल की अवधि में निफ्टी 50 का औसत सालाना रिटर्न 14 प्रतिशत रहा।
अधिकतम और न्यूनतम रिटर्न: इस दौरान निवेशकों को मिलने वाला सबसे बेहतरीन रिटर्न 16 प्रतिशत और सबसे खराब रिटर्न भी 11 प्रतिशत सालाना रहा।
इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने सबसे खराब समय पर भी बाजार में एंट्री ली होती और 20 साल तक टिके रहते, तो भी आपको हर साल कम से कम 11% का रिटर्न आराम से मिलता। यानी सही समय पर एंट्री करने से ज्यादा जरूरी बाजार में टिके रहना है।
शॉर्ट-टर्म बनाम लॉन्ग-टर्म: होल्डिंग पीरियड का बड़ा खेल
शॉर्ट-टर्म में आपकी एंट्री का समय बहुत मायने रखता है। अगर आपने मार्केट क्रैश से ठीक पहले निवेश किया, तो रिटर्न बेहद खराब दिख सकता है और अगर मंदी के ठीक बाद किया, तो रिटर्न बंपर दिखेगा। लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह रिस्क खत्म हो जाता है:
1 साल का जोखिम: साल 2000 से 2025 के बीच, अगर किसी ने सिर्फ 1 साल के लिए पैसा लगाया, तो उसे अधिकतम 141 प्रतिशत का मुनाफा या न्यूनतम 65 प्रतिशत का भारी नुकसान तक झेलना पड़ा। यही कारण है कि शॉर्ट-टर्म में दो निवेशकों का अनुभव बिल्कुल अलग हो सकता है।
20 साल का भरोसा: वहीं, जैसे ही निवेश की अवधि बढ़कर 20 साल हुई, सबसे खराब रिटर्न भी सुधरकर 11% पर आ गया और बेस्ट रिटर्न 16% रहा। यानी समय बढ़ने के साथ अच्छे और बुरे रिटर्न का अंतर बहुत छोटा हो जाता है।
एक्सपर्ट व्यू: डिगी-फिनमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर चिंतन कामदार का कहना है, 'शुरुआत और अंत की तारीख देखकर रिटर्न बहुत अलग लग सकते हैं। इसलिए रोलिंग रिटर्न देखना ज्यादा सही तस्वीर दिखाता है। किसी एक समय का रिटर्न लंबी अवधि के निवेश की दिशा तय नहीं कर सकता।'
मार्केट क्रैश में कैसे काम करता है आपका SIP?
आनंद राठी वेल्थ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुभेंदु हरिचंदन के मुताबिक, हालिया परफॉर्मेंस देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। उन्होंने समझाया, 'बाजार में गिरावट अक्सर निवेशकों के धैर्य की परीक्षा लेती है, लेकिन यही वह समय है जब आपकी एसआईपी सबसे बेहतरीन तरीके से काम करती है।
वहीं मंदी या रिकवरी के दौरान, 'रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग' के जरिए एसआईपी कम कीमतों पर म्यूचुअल फंड के अधिक यूनिट्स इकट्ठा करती है। इससे आपकी खरीद लागत कम हो जाती है और जब बाजार दोबारा ऊपर जाता है, तो आपको बंपर मुनाफा होता है।'
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि भविष्य में भी बिल्कुल ऐसा ही रिटर्न मिलेगा, क्योंकि पास्ट परफॉर्मेंस भविष्य की गारंटी नहीं होती। लेकिन ये सीख साफ है कि शॉर्ट-टर्म के -5.56% रिटर्न को देखकर निफ्टी 50 को जज न करें। शार्ट-टर्म में बाजार अनप्रेडिक्टेबल होता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह बेहद सुसंगत और भरोसेमंद साबित हुआ है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।