IT Stocks: आईटी कंपनियों के शेयरों में आज 8 अप्रैल को जोरदार तेजी देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत उछल गया। इसका मुख्य कारण ग्लोबल स्तर पर जोखिम से बचने के ट्रेंड में कमी आना और ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेत रहे। सुबह 9:35 बजे, निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 33,050 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सबसे अधिक तेजी कोफोर्ज (Coforge), परसिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) और इंफोसिस (Infosys) जैसे शेयरों में देखने को मिली।
खास बात यह रही कि मिड-कैप आईटी कंपनियों ने बड़ी यानी लार्जकैप कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, बाद में इंडेक्स ने अपने शुरुआती लाभ का बड़ा हिस्सा गंवा दिया।
आईटी शेयरों में यह तेजी अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों के अधिकता वाले नैस्डेक (Nasdaq) इंडेक्स के हरे निशान में बंद होने के बाद देखने को मिली। इससे पहले पिछले एक महीने में Nasdaq में 14 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिससे वह बियर मार्केट में प्रवेश कर चुका है।
इससे पहले के कारोबारी सत्र में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी, जब ग्लोबल स्तर पर जोखिम से बचने की भावना ने भारतीय शेयर बाजार को भी प्रभावित किया था। उस दिन कोफोर्ज और एमफैसिस जैसे मिड-कैप आईटी शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जबकि दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयर 3.2 प्रतिशत टूटे थे।
इस गिरावट के पीछे मुख्य चिंता यह रही कि इन कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिका को सर्विस एक्सपोर्ट करने से आता है। ट्रंप सरकार के लगाए गए टैरिफ के चलते अमेरिका से डील मिलना कठिन हो सकता है, जिससे कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती है।
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनली ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी और तकनीक के स्तर पर कोई बड़ा बदलाव भारतीय आईटी सेक्टर के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं, जिससे इनकी वैल्यूएशन और रेवेन्यू ग्रोथ दोनों पर असर पड़ सकता है।
इन चिंताओं के चलते आईटी शेयरों ने हाल के महीनों में कमजोर प्रदर्शन किया है। अमेरिकी इकोनॉमी के मंदी में जाने की आशंका और टैरिफ को लेकर जारी अनिश्चितता ने निवेशकों को आईटी शेयरों से दूर किया है। इसके चलते, बीते एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स 6 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में करीब 20 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। इससे निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
हालांकि आज की तेजी ने बाजार को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक ग्लोबल हालात स्थिर नहीं होते, तब तक आईटी सेक्टर में अस्थिरता बनी रह सकती है।
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