शेयर बाजार 7 जून को नई ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी अपने रिकॉर्ड से 30 अंक नीचे पर बंद हुआ। चुनाव नतीजों के दिन यानी 4 जून को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई और इससे निवेशकों को 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, अगले तीन दिनों में इस गिरावट की पूरी भरपाई हो गई। रिजर्व बैंक का ऐलान अनुमान के मुताबिक रहने और एनडीए सरकार के गठन को लेकर चीजें साफ होने के बाद बाजार ने रिकवरी की।
