21400 तक गिर सकता है निफ्टी, निवेशकों को नतीजों के मौसम में बाजार से दूर रहने की मिल रही सलाह
भारत का सबसे बड़ा निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक बाजार की गिरावट का बड़ा कारण रह। फंड की उच्च लागत के कारण Q3FY24 में तिमाही आधार पर बैंक का मार्जिन सपाट रहा है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने संकेत दिया कि मार्जिन स्पेक्ट्रम के निचले स्तर पर हो सकता है। विश्लेषकों ने इस स्टॉक पर मिलेजुले विचार दिए हैं
MoneyControl News
अपडेटेड Jan 17, 2024 पर 5:05 PM
एचएसबीसी के विश्लेषकों ने एचडीएफसी बैंक के लिए टारगेट प्राइस 2,000 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 1,950 रुपये कर दिया है
17 जनवरी को सेंसेक्स और निफ्टी में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। हेवीवेट एचडीएफसी बैंक के तीसरी तिमाही में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण बैंकिंग शेयरों में गिरावट आई। इससे बाजार में घबराहट फैल गई। ऐसे में आईटी कंपनियों के दिसंबर तिमाही के प्रदर्शन से बाजार में आई तेजी कम हो गई। मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि जैसे-जैसे कॉर्पोरेट नतीजों का मौसम आगे बढ़ेगा बिकवाली तेज होगी। इसको देखते हुए निवेशकों को नया पैसा लगाने से पहले नतीजों के आने का "इंतजार" करने का सुझाव दिया जा रहा है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि जैसे ही निफ्टी ने 21,700-800 सपोर्ट जोन में फिर से प्रवेश किया हमें बाजार में तेजी से नियंत्रण खोता हुआ दिखा। बुधवार की बिकवाली में बैंकिंग शेयरों ने सबसे ज्यादा भाग लिया। इसके चलते बने दबाव ने निफ्टी को 21,400-200 के स्तर तक नीचे ढ़केल दिया।
बाजार जानकारों का कहना है कि मार्केट में वोलैटिलिटी बनी रहेगी। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक चोकालिंगम जी का सुझाव है कि ताजा पैसा लगाने के लिए तीसरी तिमाही के नतीजे आने तक रुकें और इंतजार करें।
कारोबार के अंत में निफ्टी 460.35 अंक यानी 2.09 फीसदी की गिरावट के साथ 21,571.95 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं, सेंसेक्स 1628.01 अंक यानी 2.23 फीसदी की कमजोरी के साथ 71,500.76 के स्तर पर बंद हुआ है। एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक सेंसेक्स के सबसे ज्यादा पिटने वाले शेयर रहे।
बैंक निफ्टी इंडेक्स 4.2 फीसदी की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा गिरा है। अजीत का कहना है कि 45,700 पर बैंक निफ्टी के लिए बड़ा सपोर्ट दिख रहा है। अगर ये सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो बैंक निफ्टी में 1,000 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल सकती है।
भारत का सबसे बड़ा निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक बाजार की गिरावट का बड़ा कारण रह। फंड की उच्च लागत के कारण Q3FY24 में तिमाही आधार पर बैंक का मार्जिन सपाट रहा है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने संकेत दिया कि मार्जिन स्पेक्ट्रम के निचले स्तर पर हो सकता है। विश्लेषकों ने इस स्टॉक पर मिलेजुले विचार दिए हैं।
बीएनपी पारिबा के हेड-बीएफएसआई रिसर्च शांतनु चक्रवर्ती ने सीएनबीसी-टीवी18 से हुई बातचीत में कहा है कि उन्हे उम्मीद नहीं है कि एचडीएफसी बैंक का मार्जिन जल्द ही 4.3 फीसदी होगा। एचएसबीसी के विश्लेषकों ने एचडीएफसी बैंक के लिए टारगेट प्राइस 2,000 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 1,950 रुपये कर दिया है।
हालांकि, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के गौरांग शाह ने 2,000 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक के लिए अपने तेजी के रुख को दोहराया है। उन्होंने कहा कि इस स्टॉक को एक तिमाही के प्रदर्शन के आधार पर आंकना उसके 16-17 साल के अच्छे इतिहास के साथ अनुचित व्यवहार है। उन्होंने एचडीएफसी बैंक के अलावा निवेशकों को लंबी अवधि के लिए इंडसइंड बैंक खरीदने की भी सलाह दी है।
अब तक गर्दिश में रहे आईटी शेयर 17 जनवरी को बाजार की कमजोरी में भी चमकते दिखे। लेकिन आईडीबीआई कैपिटल के एके प्रभाकर ने निवेशकों को बुनियादी ट्रिगर की प्रतीक्षा करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि निवेशक आईटी सेक्टर के तीसरे तिमाही के नतीजों से खुश हैं क्योंकि यह स्ट्रीट अनुमान बेहतर रहे हैं। लेकिन आईटी पैक ने अभी भी दिसंबर तिमाही के नतीजे सपाट दिए हैं। इसलिए, एक साल की समय सीमा के साथ निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए, हम वेट एंड वॉच का सुझाव देते हैं"।
शाह ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के चलते निवेशक टियर-2 आईटी स्टॉक खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा, ''हम साइएंट, केपीआईटी टेक और एलटीआईमाइंडट्री को लेकर बुलिश हैं।''
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