शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांक बीते तीन महीनों में सबसे नीचे लेवल पर आ गए हैं। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता टेंशन है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। 9 सितंबर को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।
बाजार की आगे की दिशा को लेकर तस्वीर साफ नहीं
आगे शेयर बाजार की दिशा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 10 सितंबर को 23,500 पार करने के बाद इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो बाजार में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। अगर यह गिरकर 23,400 से नीचे जाता है तो बाजार में और गिरावट दिख सकती है।
लगातार तीसरे दिन बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट
9 सितंबर को बाजार पर बिकवाली का दबाव हावी रहा। बेयर्स ने अपनी गिरफ्त और मजबूत कर ली। इससे सेंसेक्स 813 अंक यानी 1.08 फीसदी गिरकर 74,764 के लेवल पर आ गया। निफ्टी 203 अंक यानी 0.86 फीसदी गिरकर 23,431.50 पर क्लोज हुआ। बाजार का सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है।
निफ्टी के 23,400 के नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा, "बाजार का ट्रेंड हालांकि कमजोर बना हुआ है, लेकिन अगर निफ्टी 10 सितंबर को 23,500 पार करने के बाद इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो बाजार में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। लेकि, इसके 23,400 के नीचे जाने पर बाजार में और गिरावट आ सकती है।"
मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट
बाजार में छोटे-बड़े सभी शेयरों पर दबाव दिख रहा है। 9 सितंबर को निफ्टी मिडकैप 100 अंक यानी 0.51 गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 अंक यानी 0.49 फीसदी गिरा। निफ्टी 500 के सिर्फ 147 शेयर बढ़कर चढ़ने में कामयाब रहे। गिरने वाले शेयरों की संख्या 347 रही।
तेजी में 23,620-23,640 पर मिलेगा रेसिस्टेंस
एसबीआई कैपिटल में हेड ऑफ टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,330-23,300 पर बड़ा सपोर्ट दिख रहा है। यह निफ्टी 23,300 से नीचे जाता है तो गिरावट बढ़ जाएगी, जिसमें यह गिरकर 23,170-23,150 तक जा सकता है। तेजी में निफ्टी को 23,620-23,640 पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगर निफ्टी इसे पार करने के बाद इसके ऊपर टिका रहता है तो यह 23,800 तक जा सकता है।
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