Nifty इस जनवरी में गिरावट के ट्रेंड को बदलने के लिए तैयार, क्यों बाजार में दिख रही हैं नई ‘उम्मीदें’?

Nifty in January : बीते 20 साल के दौरान निफ्टी ने जनवरी में अच्छी खबरें नहीं दी हैं। 2019 के बाद तो हर साल जनवरी में निवेशकों को शेयर बाजार में नुकसान हुआ है। अगर एक्सपर्ट्स की मानें तो तीसरी तिमाही के नतीजों से जुड़ी चिंताओं के कारण ऐसा होता रहा है। हालांकि, बजट से जुड़े ऐलान के कारण जनवरी कुछ उम्मीद भी जगाता है

अपडेटेड Dec 30, 2022 पर 11:57 AM
सैंटा रैली (Santa Rally) के पूरी तरह नाकाम रहने के बावजूद निफ्टी इस साल इमर्जिंग मार्केट्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बना रहा

Nifty in January : वर्ष 2022 के समाप्त होते-होते ग्लोबल मैक्रो फंडामेंटल्स ने इक्विटी मार्केट्स को परेशान करना शुरू कर दिया है। भले ही भारतीय शेयर बाजार दिसंबर की शुरुआत के अपने नए पीक से नीचे आ गए, लेकिन बाकी पूरे महीने उतार-चढ़ाव बना रहा। सैंटा रैली (Santa Rally) रफ्तार पकड़ने में पूरी तरह नाकाम रही। इसके बावजूद निफ्टी इस साल इमर्जिंग मार्केट्स में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बना रहा। नया साल शुरू होने जा रहा है, इसके साथ ही इस तिमाही का अर्निंग सीजन भी शुरू होने जा रहा है। लेकिन यहां सवाल उठता है कि क्या निफ्टी अपने पुराने इतिहास को झुठलाकर बेहतर प्रदर्शन कर पाएगा। दरअसल, पिछले चार साल से निफ्टी जनवरी में निगेटिव रिटर्न दे रहा है।

क्या इस जनवरी में बदलेगी निफ्टी की ‘किस्मत’

बीते 20 साल के दौरान निफ्टी ने जनवरी में अच्छी खबरें नहीं दी हैं। यह 2000 की जनवरी के बाद औसतन 0.3 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। 2019 के बाद हर साल जनवरी में निवेशकों को शेयर बाजार में नुकसान हुआ है। अगर एक्सपर्ट्स की मानें तो तीसरी तिमाही के नतीजों से जुड़ी चिंताओं के कारण ऐसा होता रहा है। हालांकि, बजट से जुड़ी उम्मीदों के कारण जनवरी कुछ उम्मीद भी जगाता है।


Ashish Kacholia के इस शेयर में कमाई का मौका, इडलवाइज ने दी 'BUY' रेटिंग, पिछले 2 साल में दिया है 200% का रिटर्न

बजट से पहले एक्सपोजर कम करते हैं बड़े ट्रेडर

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) के हेड (इक्विटी रिसर्च रिटेल) श्रीकांत चौहान ने कहा, आम बजट (Union Budget) की घोषणा से पहले बड़े ट्रेडर अपने इक्विटी एक्सपोजर में कमी लाते हैं। इसीलिए, उतार-चढ़ाव बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।

नुवामा कैपिटल मार्केट्स (Nuvama Capital markets) के प्रेसिडेंट और हेड शिव सहगल के मुताबिक, मैक्रो फैक्टर्स बाजार को किसी भी दिशा में ले जा सकते हैं। इसलिए एक महीने की बाजार की चल पर टिप्पणी करना मुश्किल है। हालांकि, उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता बने रहने के संकेत हैं।

कुछ महीनों तक जारी रह सकती है तेजी

शेयरखान बाई बीएनपी पारिबास के हेड (टेक्निकल रिसर्च) गौरव रत्नपारखी ने कहा, अक्टूबर, 2022 में इंडेक्स को ब्रेकआउट मिला और दिसंबर, 2022 में 18,887 के नए ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। हालांकि, कुछ हफ्तों के लिए शॉर्ट टर्म गिरावट दिख रही है। उन्होंने कहा, पूरा स्ट्रक्चर देखें तो बेंचमार्क को कई महीनों के लिए ब्रेकआउट मिला है और इसे बड़ा अपट्रेंड मिला है। ऐसे में जनवरी 2023 से हमें अगले कुछ महीनों तक तेजी देखने को मिल सकती है।

Today's top brokerage calls: गेल, गार्डन रीच, गो फैशन पर ब्रोकर्स ने खरीदारी की सलाह

MarketsMojo के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर सुनील दमानिया ने कहा, वित्त मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि अगला बजट गेम चेंजिंग होगा और इसमें अगले 25 साल के लिए एक नींव रखी जाएगी और इससे बाजार में अच्छी डील्स के लिए दिलचस्पी बढ़ी है।

डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।