आज जहां Sensex है वहां Nifty 10 साल बाद पहुंच जाएगा, जानिए दोनों के बीच का यह दिलचस्प रिश्ता

Sensex और Nifty के बीच दिलचस्प रिश्ता है। ऐसा लगता है कि आगे बढ़ते सेंसेक्स को निफ्टी यह कहता है तू चल मैं आया। दरअसल सेंसेक्स जिस लेवल पर रहता है, उस लेवल पर निफ्टी 10 साल बाद पहुंच जाता है। दोनों के ऐतिहासिक लेवल को देखने पर इसकी पुष्टि होती है

अपडेटेड Jun 19, 2024 पर 6:02 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
ऐतिहासिक रूप से सेंसेक्स से निफ्टी करीब 3.5 गुना कम रहता है।

सेंसेक्स और निफ्टी इंडियन स्टॉक मार्केट्स के प्रमुख सूचकांक है। दोनों की हिस्टोरिकल वैल्यू को देखने पर दिलचस्प ट्रेंड सामने आता है। हर 10 साल पर निफ्टी पिछले दशक की सेंसेक्स की वैल्यू के करीब पहुंच जाता है। 1995 में सेंसेक्स करीब 3,470 पर था। तब निफ्टी 1,000 पर था। मार्च 2006 तक निफ्टी 3,470 पर पहुंच गया था। यह एक दशक पहले सेंसेक्स का लेवल था। मार्च 2006 में सेंसेक्स 11,580 पर पहुंच गया था।

क्या निफ्टी 2028 में 38000 पर होगा?

अब हम 2018 में आ जाते हैं। तब Nifty 11,580 पर पहुंच गया था। यह करीब दशक पहले का सेंसेक्स (Sensex) का लेवल था। 2018 में सेंसेक्स 38,400 पर पहुंच गया था। अब बड़ा सवाल यह है कि निफ्टी 2018 के सेंसेक्स के 38,400 के लेवल पर कब पहुंचेगा। क्या निफ्टी इस रिकॉर्ड ऊंचाई पर 2028 में पहुंच जाएगा?


निफ्टी सेंसेक्स से 3.5 गुना कम रहता है

एक्सिस सिक्योरिटीज के राजेश पालवीय ने कहा कि करेंट बुल रन में इंडियन मार्केट 15-16 फीसदी कंपाउंडेड रेट के साथ बढ़ रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से सेंसेक्स से निफ्टी करीब 3.5 गुना कम रहता है। 15 फीसदी ग्रोथ रेट का मतलब है कि निवेश एक दशक में तीन गुना हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस ग्रोथ पेटर्न के साथ निफ्टी 2028 में 38,000 तक पहुंच सकता है। यह सेंसेक्स का 2018 का लेवल था।

हिस्टोरिकल ट्रेंड रिपीट होने की उम्मीद

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के डायरेक्टर क्रांति बैथिनी का मानना है कि बाजार की मौजूदा स्थिति को देख हिस्टोरिकल ट्रेंड के रिपीट होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इंडिया सर्विस आधारित इकोनॉमी से मैन्युफैक्चरिंग आधारित इकोनॉमी की तरफ बढ़ रहा है। इस ट्रेंड के जारी रहने पर इकोनॉमी में रोजगार के मौके बढ़ेंगे और प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ेगी।

निफ्टी की ग्रोथ 13 फीसदी रह सकती है

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का मानना है कि FY25 में निफ्टी 50 की साल दर साल ग्रोथ करीब 13 फीसदी रहेगी। इसमें बीएफएसआई, ऑयल एंड गैस, मेटल्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर का हाथ होगा। इनका निफ्टी की इंक्रीमेंटल इनकम में 75 फीसदी हिस्सेदारी हो सकती है।

इंडिया का आउटलुक पॉजिटिव

हाल में मॉर्नग स्टेनली के रिद्धम देसाई ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा था कि इंडिया को लेकर उनका आउटलुक पॉजिटिव है। वह इंडिया की ग्रोथ को लेकर भी उत्साहित हैं। खास बात यह है कि केंद्र में भले ही एनडीए की सरकार बनी है, जो सहयोगी दलों पर निर्भर है। लेकिन, इस सरकार का नेतृत्व अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Yes Bank Shares: एक साल में 47% रिटर्न! अब शेयर खरीदें, बेचें या करें होल्ड? चेक करें टारगेट प्राइस

2030 तक स्टॉक मार्केट की वैल्यू 30 लाख करोड़ डॉलर पहुंच जाएगी

जेफरीज ने हाल में इंडियन स्टॉक मार्केट की वैल्यू का अनुमान लगाया था। उसने कहा था कि इसकी वैल्यू 2030 तक 10 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी। उसने मार्केट के डबल डिजिट रिटर्न और सरकार की तरफ से जारी इकोनॉमिक रिफॉर्मस का जिक्र किया था।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।