दुनियाभर की नजरें इजरायल-हमास लड़ाई (Israel-Hamas Conflict) पर लगी हैं। स्टॉक मार्केट में निवेश करने वाले लोगों के मन में कई सवाल चल रहे हैं। अगर यह लड़ाई बढ़ती है तो इसका इंडिया खासकर इंडियन स्टॉक मार्केट्स पर क्या असर पड़ेगा? क्या इस लड़ाई से इंडियन इकोनॉमी को नुकसान हो सकता है? क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें क्या इंडिया के लिए मुसीबत पैदा कर सकती हैं? मनीकंट्रोल ने इन सवालों के जवाब जानने के लिए कोटक एएमसी के हेड निलेश शाह से बातचीत की। शाह को इनवेस्टमेंट और फाइनेंस की दुनिया का कई दशकों का अनुभव है। उन्होंने इस पूरे मामले पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इंडिया आज क्रूड की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिहाज से बेहतर स्थिति में है। लेकिन, क्रूड ऑयल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बने रहना जरूरी है। उन्होंने यह माना कि मध्य-पूर्व के घटनाक्रम की वजह से क्रूड का प्राइस क्रूड की कीमतों में उछाल जारी रह सकता है।
