Noel Tata Board Exit: नोएल टाटा नवंबर में टाटा ग्रुप की 6 कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे, टाटा संस की सीट पर बने रहेंगे

Noel Tata Board Exit: नोएल टाटा 12 नवंबर को 70 साल के होते ही टाटा ग्रुप की छह कंपनियों के बोर्ड से हट जाएंगे। हालांकि, टाटा संस में उनकी भूमिका बनी रहेगी। यह बदलाव चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति और टाटा संस की लिस्टिंग पर चल रहे विवाद के बीच अहम है।

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 5:43 PM
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नोएल टाटा के हटने के बाद ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इंटरनेशनल और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में नए चेयरमैन की व्यवस्था करनी होगी।

Noel Tata Board Exit: टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा 12 नवंबर को 70 साल के हो जाएंगे। इसी दिन वह टाटा ग्रुप की छह प्रमुख कंपनियों के बोर्ड से हट जाएंगे। यह फैसला ग्रुप की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए तय रिटायरमेंट पॉलिसी के तहत होगा। हालांकि, वह टाटा संस के बोर्ड में टाटा ट्रस्ट्स के नॉमिनी डायरेक्टर बने रहेंगे।

नोएल टाटा ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और टाटा इंटरनेशनल के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। वह टाटा स्टील और टाइटन कंपनी के वाइस चेयरमैन भी हैं। इसके अलावा, वह दुबई की टाटा इंटरनेशनल वेस्ट एशिया DMCC और इंडिटेक्स ट्रेंट रिटेल इंडिया के बोर्ड में भी शामिल हैं। ट्रेंट और टेस्को के जॉइंट वेंचर ट्रेंट हाइपरमार्केट में वह बने रहेंगे।

टाटा ग्रुप में उत्तराधिकार की तैयारी


नोएल टाटा के हटने के बाद ट्रेंट, वोल्टास, टाटा इंटरनेशनल और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में नए चेयरमैन की व्यवस्था करनी होगी। टाटा स्टील और टाइटन में भी वाइस चेयरमैन की भूमिका के लिए बदलाव की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, इन पदों पर आगे कौन जिम्मेदारी संभालेगा, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।

यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है, जब टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्त होने को लेकर विवाद चल रहा है।

चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर विवाद

टाटा संस के बोर्ड ने 17 सितंबर की बैठक में चंद्रशेखरन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए मंजूरी दी थी। उनका नया कार्यकाल 21 फरवरी 2027 से शुरू होना है। नोएल टाटा ने इस फैसले का विरोध किया था।

विवाद की मुख्य वजह टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन यानी कंपनी के आंतरिक नियमों की व्याख्या है। टाटा ट्रस्ट्स का कहना है कि चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के लिए उसके नॉमिनी डायरेक्टर्स की जरूरी सहमति नहीं मिली। वहीं, टाटा संस ने कहा कि बोर्ड ने बहुमत से नियुक्ति को मंजूरी दी थी।

26 अक्टूबर को नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सेक्रेटरी को पत्र लिखकर इस फैसले पर फिर सवाल उठाए। उन्होंने बैठक के अंतिम मिनट्स, वोटिंग रिकॉर्ड और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी। उन्होंने नियुक्ति की प्रक्रिया और जरूरी मंजूरियों पर भी सवाल उठाए हैं।

चंद्रशेखरन की उम्र भी चर्चा में

चंद्रशेखरन का जन्म 2 जून 1963 को हुआ था। वह जून 2028 में 65 साल के हो जाएंगे। टाटा ग्रुप के नियमों के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की रिटायरमेंट उम्र 65 साल है। ऐसे में फरवरी 2032 तक प्रस्तावित उनका कार्यकाल इस सीमा से आगे जाता है।

हालांकि, यह ग्रुप की आंतरिक पॉलिसी है, कोई कानूनी रोक नहीं। नियमों के तहत छूट मिल सकती है या नहीं, यह संबंधित मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

टाटा संस की लिस्टिंग पर भी मतभेद

टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66% हिस्सेदारी है। ट्रस्ट्स टाटा संस की लिस्टिंग के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर, रिजर्व बैंक ने टाटा संस को अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के रूप में वर्गीकृत किया है। इससे लिस्टिंग का मुद्दा भी चर्चा में है।

नोएल टाटा का छह कंपनियों के बोर्ड से हटना तय रिटायरमेंट नियमों के तहत है। लेकिन टाटा संस में उनकी भूमिका बनी रहेगी। ऐसे में ग्रुप में नेतृत्व, बोर्ड नियुक्तियों और गवर्नेंस से जुड़े फैसलों पर आगे भी नजर रहेगी।

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