DA Hike 2026: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! DA में 3% की बढ़ोतरी, जानिए हर महीने कितनी बढ़ेगी सैलरी?
DA Hike 2026: दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में 3 फीसदी बढ़ोतरी का तोहफा दिया है। 18,000 रुपये बेसिक वालों से लेकर 1 लाख रुपये बेसिक वालों तक, जानिए किसकी सैलरी कितनी बढ़ेगी और DA का हिसाब खुद कैसे लगाएं।
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में 3 फीसदी बढ़ोतरी का तोहफा दिया है।
DA Hike 2026: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए दिवाली की खुशियां इस बार कुछ पहले आ गई हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इसके बाद DA और DR 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। सरकार के खजाने पर इसका सालाना बोझ 10,016 करोड़ रुपये पड़ेगा।
कैबिनेट ने क्या फैसला लिया?
बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR, दोनों को 3 फीसदी बढ़ाने का फैसला हुआ। अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को बेसिक सैलरी का 63% DA मिलेगा। इसी तरह पेंशनर्स को उनकी पेंशन का 63% DR मिलेगा। अब तक यह दर 60% थी।
यह फैसला जुलाई 2026 के DA रिवीजन से जुड़ा है। यानी कागज पर यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी, भले ही इसकी मंजूरी अब जाकर मिली है।
इससे पहले अप्रैल में कैबिनेट ने DA और DR में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। उसी बढ़ोतरी के बाद यह दर 60% पर पहुंची थी। अब 3 फीसदी की नई बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा 63% तक आ गया है। कुछ ही महीनों के अंदर यह दूसरी बार है, जब कर्मचारियों की जेब में महंगाई भत्ते के रूप में ज्यादा पैसा आने का रास्ता खुला है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब भरेगी, तो उसका खर्च सरकार के खजाने से जाएगा। अश्विनी वैष्णव की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, DA और DR की इस बढ़ोतरी पर सरकार का कुल सालाना खर्च 10,016 करोड़ रुपये होगा।
यह रकम दोनों हिस्सों को मिलाकर है। इसमें मौजूदा कर्मचारियों को मिलने वाला बढ़ा हुआ DA भी शामिल है और रिटायर हो चुके पेंशनर्स को मिलने वाली बढ़ी हुई DR भी। सरकार ने यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर बने उसी फॉर्मूले के आधार पर की है, जिसे पहले से मंजूरी मिली हुई है।
आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी?
अब बात उस सवाल की, जो हर सरकारी कर्मचारी के मन में सबसे पहले आता है। आखिर हर महीने कितने रुपये ज्यादा मिलेंगे? इसका जवाब आपकी बेसिक सैलरी में छिपा है। DA हमेशा बेसिक पे के प्रतिशत के हिसाब से मिलता है, इसलिए जिसकी बेसिक सैलरी जितनी ज्यादा होगी, उसका फायदा भी उतना ही बड़ा होगा।
सबसे पहले शुरुआती लेवल की बात करते हैं। जिस कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उसे अब तक 60% के हिसाब से 10,800 रुपये DA मिल रहा था। 63% होने पर यह बढ़कर 11,340 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने 540 रुपये ज्यादा। 25,500 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 15,300 रुपये से बढ़कर 16,065 रुपये हो जाएगा, यानी 765 रुपये का फायदा।
अब थोड़ा ऊपर चलते हैं। 30,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 18,000 रुपये से बढ़कर 18,900 रुपये हो जाएगा। इनकी जेब में हर महीने 900 रुपये ज्यादा आएंगे। 35,400 रुपये बेसिक वालों का DA 21,240 रुपये से 22,302 रुपये पर पहुंचेगा, यानी 1,062 रुपये महीने का फायदा। वहीं 40,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 24,000 रुपये से बढ़कर 25,200 रुपये हो जाएगा और उन्हें हर महीने 1,200 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
मिडिल लेवल पर भी तस्वीर अच्छी है। 44,900 रुपये बेसिक सैलरी पर DA 26,940 रुपये से बढ़कर 28,287 रुपये होगा, यानी 1,347 रुपये का इजाफा। 50,000 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का DA 30,000 रुपये से 31,500 रुपये हो जाएगा। इन्हें महीने में 1,500 रुपये ज्यादा मिलेंगे। 56,100 रुपये बेसिक पर DA 33,660 रुपये से बढ़कर 35,343 रुपये होगा, यानी 1,683 रुपये का फायदा।
अब ऊंचे लेवल की बात। 67,700 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का DA 40,620 रुपये से बढ़कर 42,651 रुपये हो जाएगा। इन्हें हर महीने 2,031 रुपये ज्यादा मिलेंगे। और अगर किसी की बेसिक सैलरी 1,00,000 रुपये है, तो उसका DA 60,000 रुपये से सीधे 63,000 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने पूरे 3,000 रुपये का फायदा।
अगर आपकी बेसिक सैलरी ऊपर बताए गए किसी भी आंकड़े से मेल नहीं खाती, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका हिसाब लगाना बेहद आसान है। चूंकि DA बेसिक पे का प्रतिशत होता है, इसलिए 3 फीसदी बढ़ोतरी का मतलब है कि आपको अपनी बेसिक सैलरी का 3% हिस्सा हर महीने ज्यादा मिलेगा।
इसका फॉर्मूला है, DA में मासिक बढ़ोतरी = बेसिक पे × 3 ÷ 100। बस अपनी बेसिक सैलरी को 3 से गुणा करें और 100 से भाग दे दें। जो आंकड़ा आएगा, वही आपकी हर महीने की अतिरिक्त कमाई है।
इसे 18,000 रुपये बेसिक सैलरी के उदाहरण से समझते हैं। 60% के हिसाब से मौजूदा DA 10,800 रुपये बनता है। 63% के हिसाब से नया DA 11,340 रुपये होगा। दोनों के बीच का फर्क 540 रुपये है, जो हर महीने की बढ़ोतरी है। अगर इसे 12 महीनों में जोड़ें, तो साल भर में यह रकम 6,480 रुपये हो जाती है।
इसी तरह 56,100 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने 1,683 रुपये ज्यादा मिलेंगे। अगर नई दर पूरे साल लागू रहे, तो 12 महीनों में यह फायदा 20,196 रुपये तक पहुंच जाता है। यानी जो रकम महीने के हिसाब से छोटी दिखती है, वही साल भर में एक अच्छी खासी रकम बन जाती है।
साल में दो बार क्यों बढ़ता है DA, और DA-DR हैं क्या?
बाजार में हर चीज के दाम धीरे-धीरे ऊपर जाते रहते हैं। सब्जी हो, दूध हो या बच्चों की फीस, महंगाई का असर हर घर के बजट पर दिखता है। इसी असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है।
DA एक तरह का कॉस्ट-ऑफ-लिविंग एडजस्टमेंट है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है। DR इसी का दूसरा रूप है, जो पेंशनर्स को मिलता है। दोनों का मकसद एक ही है, बढ़ती कीमतों की मार से कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना।
सरकार DA और DR में साल में दो बार बदलाव करती है, पहला जनवरी में और दूसरा जुलाई में। इस बार की 3 फीसदी बढ़ोतरी जुलाई 2026 वाले रिवीजन का हिस्सा है। यह पूरी बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित मंजूर फॉर्मूले के तहत की गई है। अप्रैल में 2 फीसदी और अब 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह साल दिवाली से पहले ही राहत भरा बन गया है।