8th Pay Commission Updates: आठवें वेतन आयोग का मुंबई का दौरा खत्म हो गया है। आयोग के सदस्यों ने 22 और 23 अक्तूबर को मुंबई दौरे के दौरान केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के प्रतिनिधियों, यूनियंस, पेंशनर्स ग्रुप और दूसरे पक्षों की राय जानने की कोशिश की। आयोग सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपने से पहले देश के अलग-अलग शहरों का दौरा कर रहा है। करीब एक करोड़ से ज्यादा लोगों को आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। सबसे ज्यादा नजरें फिटमेंट फैक्टर पर हैं।
नए फिटमेंट फैक्टर का एचआरए पर पड़ेगा असर
अनुमान है कि 8वां वेतन आयोग अगले साल मई तक केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। नए फिटमेंट फैक्टर से एंप्लॉयीज का नया बेसिक पे तय होगा। बेसिक पे बढ़ने पर एंप्लॉयीज के एचआरए जैसे बेनेफिट्स भी बढ़ जाएंगे। एंप्लॉयीज यूनियंस और पेंशनर्स एसोसिएशंस ने 3.83 से 4.00 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.86 फीसदी के बीच रह सकता है।
नए फिटमेंट फैक्टर से बेसिक पे बढ़ेगा
नए फिटमेंट फैक्टर लागू होते ही एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़ जाएगा। इसका असर हाउस रेंट अलाउन्स (HRA) और डियरनेस अलाउ्स पर पड़ेगा। एचआरए बढ़ जाएगा, जबकि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर डीए जीरो हो जाता है। चूंकि एचआरए बेसिक पे के हिसाब से कैलकुलेट होता है, जिससे नए बेसिक पे का सबसे ज्यादा असर एचआरए पर पड़ेगा।
अभी एचआरए के लिए शहरों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। एक्स क्लास के तहत मेट्रो आते हैं। वाय क्लास के तहत मेट्रो के बाद के शहर आते हैं। जेड के तहत बाकी शहर आते हैं। एक्स शहर में रहने वाले एंप्लॉयी का एचआरए बेसिक पे का 30 फीसदी होता है। वाय शहर में रहने वाले एंप्लॉयीज का एचआरए बेसिक पे का 20 फीसदी होता है। जेड शहर में रहने वाले एंप्लॉयीज का एचआरए बेसिक पे का 10 फीसदी होता है।
एक करोड़ से ज्यादा लोगों को फिटमेंट फैक्टर का इंतजार
अनुमान है कि आठवां वेतन आयोग बेसिक पे के अलावा एचआरए सहित दूसरे बेनेफिट्स के बारे में भी अपनी सिफारिशें देगा। इसका असर एक करोड़ से ज्यादा लोगों की इनकम पर पड़ेगा। इनमें केंद्र सरकार के करीब 50 लाख एंप्लॉयीज और करीब 65 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। इन सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या सिफारिश करता है और केंद्र सरकार आखिर में कितने फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है।
7वें वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की थी
7वें वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश की थी। इससे न्यूनतम बेसिक पे 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था। अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2 के बीच रह सकता है। इसके हिसाब से हर लेवल के एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़ जाएगा। अगर 8वां वेतन आयोग एचआरए के नियम में बदलाव नहीं करता है तो नए बेसिक पे के हिसाब से एचआरए भी बढ़ जाएगा।
फिटमेंट फैक्टर का ऐसे पड़ेगा बेसिक पे पर असर
अगर नया फिटमेंट फैक्टर 1.83 रहता है तो लेवल 1 एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़कर 32,940 रुपये हो जाएगा। फिटमेंट फैक्टर 2 होने पर यह बढ़कर 36,000 रुपये हो जाएगा। फिटमेंट फैक्टर 2.57 होने पर यह 46,260 रुपये हो जाएगा। फिटमेंट फैक्टर 3.83 होने पर यह 68,940 रुपये हो जाएगा। 4 फिटमेंट फैक्टर होने पर यह 72,000 रुपये हो जाएगा। दूसरे, तीसरे और बाद के लेवल के एंप्लॉयीज के बेसिक पे भी इसी हिसाब से बदलाव होगा।