NSE, Bata और चंबल फर्टिलाइजर्स सहित इन शेयरों में 4 नवंबर को रहेगी हलचल

शेयर बाजारों में आज यानी 3 नवंबर को लगातार चौथे दिन तेजी रही। 4 नवंबर को बाजार में कई वजहों से हलचल रह सकती है। अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस के नतीजों का असर बाजार पर दिख सकता है। कई कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर उनके शेयरों पर दिखेगा

अपडेटेड Nov 03, 2026 पर 7:39 PM
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NSE के शेयरों पर 4 नवंबर को सितंबर तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा।

शेयर बाजारों में रौनक लौटती दिख रही है। 3 नवंबर को लगातार चौथे सत्र निफ्टी और सेंसेक्स में तेजी दिखी। क्रूड में नरमी, कंपनियों के सितंबर तिमाही के अच्छे नतीजों और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दिलचस्पी बढ़ने का असर शेयर बाजार पर दिखा। 4 नवंबर को बाजार में कई वजहों से हलचल रह सकती है। अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शंस के नतीजों का असर बाजार पर दिख सकता है।

एनएसई के शेयरों पर दिख सकता है दबाव

NSE के शेयरों पर 4 नवंबर को सितंबर तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा। इस दौरान कंपनी का मुनाफा 17.4 फीसदी घटा है। रेवेन्यू में भी 10.8 फीसदी गिरावट आई है। बुधवार को देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों पर दबाव दिख सकता है। NSE का शेयर 3 नवंबर को 1.35 फीसदी गिरकर 1,803 रुपये पर बंद हुआ।


एसबीआई ने 3 नवंबर को किया नतीजों का एलान

SBI ने भी 3 नवंबर को सितंबर तिमाही के अपने नतीजों का ऐलान किया। बैंक का प्रॉफिट इस दौरान साल दर साल आधार पर 14.3 फीसदी बढ़कर 23,038 पर बंद हुआ। इसमें 7,289 करोड़ रुपये का एक्स्पेशनल गेन शामिल है। बैंक ने बाजार बंद होने से पहले नतीजों का एलान किया। नतीजों के बाद शेयर में गिरावट दिखी। यह 1.70 फीसदी गिरकर 970 पर बंद हुआ। 4 नवबंर को भी शेयरों पर नतीजों का असर दिख सकता है।

बाटा इंडिया का प्रॉफिट 29 फीसदी बढ़ा

बाटा इंडिया के शेयरों में 4 नवंबर को तेजी दिख सकती है। कंपनी ने 3 नवंबर को शेयर बाजार बंद होने के बाद सितंबर तिमाही के नतीजों का एलान किया। इस दौरान कंपनी का शेयर साल दर साल आधार पर 28.6 फीसदी बढ़कर 18 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू भी 7.6 फीसदी बढ़ा। 3 नवंबर को शेयर 1.89 फीसदी चढ़कर 649.80 पर बंद हुआ। बाटा जूते-चप्पल बनाने वाली देश की सबसे पुरानी कंपनियों में से एक है।

चंबल फर्टिलाइजर्स  के शेयर पर दिख सकता है दबाव

चंबल फर्टिलाइजर्स का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर 2.6 फीसदी घटकर 632 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 649 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा। रेवेन्यू 9.1 फीसदी बढ़कर 6,999.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,413 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA भी 7 फीसदी बढ़कर 901 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 4 नवंबर को कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।

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न्यूलैंड लेबोरेट्रीज का प्रॉफिट सितंबर तिमाही में गिरा

न्यूलैंड लेबोरेट्रीज का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 46.7 फीसदी घटकर 51.6 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 96.9 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में भी गिरावट आई। दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 12.5 फीसदी घटकर 449.7 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 514.2 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयरों पर 4 नवंबर को नतीजों का असर दिख सकता है।

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