सिर्फ चाय पीने के ब्रेक जितनी देर थमेगा शेयर बाजार! अब 23.5 घंटे होगी ट्रेडिंग, जानिए NSEIX की नई टाइमिंग
GIFT City के NSEIX पर अब लगभग पूरे दिन ट्रेडिंग हो सकेगी। एक्सचेंज ने ट्रेडिंग का समय बढ़ाकर 23.5 घंटे कर दिया है, ताकि एशिया, यूरोप और अमेरिका, तीनों के टाइम जोन के निवेशक बाजार तक पहुंच सकें। जानिए नई टाइमिंग क्या है, मेंटेनेंस कितने मिनट में होगा और MD-CEO वी. बालासुब्रमण्यम ने इस पर क्या कहा
NSEIX, GIFT City में एक इंटरनेशनल मल्टी-एसेट एक्सचेंज के तौर पर काम करता है।
गुजरात की GIFT City में मौजूद NSE International Exchange यानी NSEIX ने अपने ट्रेडिंग का समय बढ़ाकर रोज 23 घंटे 30 मिनट कर दिया है। इसका मतलब है कि अब यहां लगभग पूरे दिन कारोबार हो सकेगा। एक्सचेंज ने एक बयान में बताया कि नई टाइमिंग 2 नवंबर 2026 से लागू हो गई है। अब ट्रेडिंग भारतीय समय के मुताबिक सुबह 3:15 बजे शुरू होती है और अगले दिन रात 2:45 बजे बंद होती है। इस कदम से दुनिया भर के निवेशक और ट्रेडिंग से जुड़े लोग एशिया, यूरोप और अमेरिका, तीनों के टाइम जोन में इस बाजार तक पहुंच पाएंगे।
सिर्फ आधे घंटे का होगा ब्रेक
नई टाइमिंग को घड़ी के हिसाब से समझिए। बाजार सुबह 3:15 बजे खुलता है, जब भारत में ज्यादातर लोग गहरी नींद में होते हैं। फिर पूरा दिन, पूरी शाम और लगभग पूरी रात ट्रेडिंग चलती रहती है। अगले दिन रात 2:45 बजे बाजार बंद होता है। इसके बाद सिर्फ 30 मिनट का फासला रहता है और 3:15 बजे फिर से नया सेशन शुरू हो जाता है।
यानी 24 घंटे के दिन में बाजार सिर्फ आधे घंटे के लिए रुकता है। जितनी देर में कोई आराम से एक कप चाय पीकर अखबार की सुर्खियां पढ़ ले, बस उतनी ही देर बाजार बंद रहता है।
एक्सचेंज का कहना है कि इस बदलाव का मकसद निवेशकों को ट्रेड करने के लिए लंबा वक्त देना है। साथ ही, दुनिया के बाजारों में होने वाली हलचल पर तुरंत कदम उठाने की ज्यादा आजादी देना भी इसका मकसद है। बढ़ी हुई टाइमिंग से पार्टिसिपेंट्स लगभग पूरे दिन एक्सचेंज तक पहुंच सकेंगे और इसमें दुनिया के बड़े बाजारों के कारोबारी घंटे भी शामिल हो जाएंगे।
हर टाइम जोन के निवेशक को मौका
अब तक का हाल सोचिए। किसी निवेशक के शहर में दिन हो और बाजार बंद हो जाए, तो उसे अगले दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इस बीच दुनिया में कोई बड़ी खबर आ जाए, तो वो चाहकर भी तुरंत कुछ नहीं कर पाता।
NSEIX की नई टाइमिंग इसी इंतजार को लगभग खत्म करती है। चाहे एशिया में सुबह हो, यूरोप में दोपहर हो या अमेरिका में रात, इस एक्सचेंज के दरवाजे करीब-करीब हर वक्त खुले रहेंगे।
एक्सचेंज को उम्मीद है कि लंबी टाइमिंग से पार्टिसिपेंट्स को अलग-अलग ग्लोबल टाइम जोन में अपने बाजार के जोखिम को संभालने में भी मदद मिलेगी। NSEIX ने कहा कि इस पहल से GIFT City की वो भूमिका और मजबूत होगी, जिसमें वो एक इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के तौर पर भारत को दुनिया के कैपिटल मार्केट्स से जोड़ती है।
एक्सचेंज ने इसे बताया नया ग्लोबल बेंचमार्क
NSEIX इस शुरुआत को एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है। एक्सचेंज ने अपने बयान में कहा, "इस लॉन्च के साथ NSEIX ने बाजार के पार्टिसिपेंट्स को करीब 24/5 घंटे लगातार बाजार देने का नया ग्लोबल बेंचमार्क तय किया है।"
एक्सचेंज के मुताबिक, ये कदम इंटरनेशनल बाजार तक पहुंच बढ़ाने और पार्टिसिपेंट्स को लगातार ट्रेडिंग का माहौल देने की उसकी कोशिशों में एक अहम पड़ाव है।
3 मिनट में मेंटेनेंस, दिन के आखिर में 15 मिनट से भी कम
अब सवाल उठता है कि जब बाजार लगभग पूरे दिन खुला रहेगा, तो सिस्टम की देखरेख कब होगी। किसी भी एक्सचेंज के कंप्यूटर सिस्टम को समय-समय पर अपडेट और मेंटेनेंस की जरूरत होती है।
NSEIX ने बताया कि लंबे कारोबारी घंटों को संभालने के लिए नए ढांचे के पीछे खास टेक्नोलॉजी और ऑपरेशनल इंतजाम किए गए हैं। एक्सचेंज के मुताबिक, उसका टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम का मेंटेनेंस और अपडेट बहुत तेजी से करने की सुविधा देता है।
सेशन के बीच मेंटेनेंस 3 मिनट के अंदर पूरा हो जाता है। वहीं दिन के आखिर में होने वाला मेंटेनेंस 15 मिनट से भी कम समय में निपट जाता है। सोचिए, जितनी देर में कोई अपना फोन चार्जर पर लगाकर दोबारा उठाए, लगभग उतनी देर में पूरे एक्सचेंज का सिस्टम दुरुस्त होकर तैयार हो जाता है।
MD और CEO वी. बालासुब्रमण्यम ने क्या कहा?
NSEIX के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO वी. बालासुब्रमण्यम ने इस बदलाव को एक्सचेंज के लिए अहम पड़ाव बताया।
उन्होंने कहा, 'NSEIX में ट्रेडिंग को बढ़ाकर 23.5 घंटे करना GIFT City से दुनिया भर के लिए पहुंच वाला बाजार बनाने की हमारी कोशिश में एक अहम पड़ाव है। सभी टाइम जोन में बाजार तक पहुंच देकर हम पार्टिसिपेंट्स को ज्यादा लचीलापन दे रहे हैं और GIFT City का दुनिया के फाइनेंशियल मार्केट्स से जुड़ाव मजबूत कर रहे हैं।'
2017 में शुरू हुआ था NSEIX
NSEIX, GIFT City में एक इंटरनेशनल मल्टी-एसेट एक्सचेंज के तौर पर काम करता है। इसकी स्थापना 5 जून 2017 को हुई थी। इस एक्सचेंज को इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी यानी IFSCA से मान्यता मिली हुई है।
मल्टी-एसेट का सीधा मतलब है कि यहां एक नहीं, बल्कि कई तरह के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में कारोबार होता है। इस एक्सचेंज पर भारतीय कंपनियों के सिंगल-स्टॉक डेरिवेटिव्स, इंडेक्स डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, डिपॉजिटरी रिसीट्स और ग्लोबल स्टॉक्स जैसे प्रोडक्ट्स मिलते हैं।
NSEIX ने कहा है कि वो आगे भी इंटरनेशनल बाजार तक पहुंच बढ़ाने और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर ध्यान देता रहेगा, ताकि दुनिया भर के पार्टिसिपेंट्स की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके।