NSE IPO GMP & Price Band Update: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ₹30000 करोड़ के मेगा आईपीओ को सेबी की हरी झंडी मिलने के बाद ग्रे मार्केट में हलचल तेज हो गई है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, अनलिस्टेड मार्केट में NSE IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹285 प्रति शेयर पर पहुंच गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बड़े निवेशक और म्यूचुअल फंड्स NSE के शेयर को ₹1800 प्रति शेयर के भाव पर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनी अपना ऑफिशियल प्राइस बैंड ₹1800 के आसपास ही फिक्स कर सकती है।
जानिए ग्रे मार्केट से क्या संकेत मिल रहे हैं, NSE का आईपीओ कब खुलेगा और कौन-कौन से बड़े निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं।
₹1800 हो सकता है प्राइस बैंड, 21 सितंबर वाले हफ्ते में लिस्टिंग की तैयारी
बड़े संस्थागत निवेशकों के साथ हुई अनौपचारिक बैठकों में ₹1800 प्रति शेयर के वैल्यूएशन पर सहमति बनती दिख रही है। जल्द ही कंपनी इसका आधिकारिक ऐलान करेगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सचेंज 21 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है।
पूरी तरह OFS है इश्यू: NSE को नहीं मिलेगा एक भी रुपया
यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा:
कुल शेयर्स: मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर्स (कंपनी की लगभग 6% चुकता पूंजी) की बिक्री करेंगे।
कोई नया शेयर नहीं: आईपीओ में कोई नया शेयर जारी नहीं होगा, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम शेयरधारकों की जेब में जाएगी, NSE को इससे कोई फंड नहीं मिलेगा।
कौन-कौन से बड़े दिग्गज बेच रहे हैं अपनी हिस्सेदारी?
NSE के इस OFS के जरिए देश-विदेश के कई बड़े बैंक, पेंशन फंड्स और इन्वेस्टमेंट फर्म्स अपने शेयर्स बेचकर भारी मुनाफा कमाएंगे:
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।