NSE IPO पर आई सबसे बड़ी खबर! तगड़ी डिमांड, फिर भी क्यों घटा आईपीओ का साइज? जानिए क्या है माजरा

NSE IPO Update: भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार NSE ने सेबी के पास अपना अपडेटेड प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया है। अचानक से इस आईपीओ का साइज ₹30,000 करोड़ से घटकर लगभग ₹23,000 करोड़ रह गया है। हैरानी की बात यह है कि इश्यू साइज घटने के बावजूद बड़े संस्थागत निवेशकों की तरफ से ₹85,000 करोड़ की रिकॉर्ड मांग देखने को मिल रही है। जानिए आईपीओ फाइलिंग से जुड़ा हर एक अपडेट

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 8:52 AM
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इस बार आईपीओ से जुड़ा एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है

NSE IPO Latest News: 'नेशनल स्टॉक एक्सचेंज' (NSE) के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक बेहद बड़ी खबर आई है। NSE ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा कर दिया है।

हालांकि, इस बार आईपीओ से जुड़ा एक बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। कंपनी के इस मेगा आईपीओ का कुल साइज घटकर लगभग ₹23,000 करोड़ रह गया है, जबकि पहले इसके ₹30,000 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान था।

आइए समझते हैं कि आईपीओ का साइज क्यों घटा, कौन-कौन से बड़े निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं और इसका बाजार पर क्या असर होगा।


क्यों घटा NSE के IPO का साइज?

एनएससी का यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई खुद कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है और आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा उन मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा जो अपने शेयर बेच रहे हैं।

जून में दाखिल किए गए ओरिजिनल DRHP में 14.89 करोड़ शेयर यानी NSE की कुल इक्विटी का लगभग 6% बेचने का प्रस्ताव था। लेकिन नए ड्राफ्ट के मुताबिक, कुछ प्रमुख सरकारी बीमा कंपनियों और वैश्विक वित्तीय दिग्गज मॉर्गन स्टेनली ने आईपीओ के जरिए बेचे जाने वाले अपने शेयरों की संख्या कम कर दी है।

किन-किन दिग्गजों ने घटाया अपना स्टेक सेल?

सूत्रों के मुताबिक, जिन प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटाई है, उनमें ये प्रमुख कंपनियां शामिल हैं:

सरकारी बीमा कंपनियां:

GIC Re (General Insurance Corp): पहले 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्रस्ताव था।

New India Assurance: पहले 1.05 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी।

National Insurance Company: पहले 60 लाख शेयर।

United India Insurance: पहले 60 लाख शेयर।

(शुरुआती ड्राफ्ट में ये चारों कंपनियां मिलकर कुल 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थीं, जिसमें अब कटौती की गई है।)

मॉर्गन स्टेनली: मॉर्गन स्टेनली से जुड़ी संस्था MS Strategic (Mauritius) Ltd ने भी अपनी हिस्सेदारी बिक्री कम की है। मूल प्रॉस्पेक्टस में यह संस्था 1.60 करोड़ शेयर बेचने वाली थी।

संस्थागत निवेशकों में बंपर क्रेज

भले ही मौजूदा शेयरधारकों ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी हो, लेकिन NSE के आईपीओ को लेकर बाजार में गजब का उत्साह है। सूत्रों का कहना है कि एंकर और संस्थागत निवेशकों की ओर से लगभग ₹85,000 करोड़ की डिमांड आ चुकी है। इससे यह साफ पता चलता है कि बड़े डोमेस्टिक और विदेशी निवेशकों (FIIs) के बीच भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने की जबरदस्त होड़ मची हुई है।

एक दशक लंबे इंतजार के बाद ऐतिहासिक कदम

यह कदम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मील का पत्थर है। एनएसई ने लगभग 10 साल पहले पहली बार आईपीओ की प्रक्रिया शुरू की थी, जो कई तरह की विनियामक और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण रुकी हुई थी। UDRHP दाखिल होना यह संकेत देता है कि अब जल्द ही यह मेगा आईपीओ दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देने वाला है।

क्या हो सकता है प्राइस बैंड, कब से खुलेगा और क्या चल रहा GMP?

बाजार सूत्रों के अनुसार एनएसई आईपीओ का अनुमानित प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। यह आईपीओ 18 सितंबर 2026 से खुलने और 22 सितंबर को बंद होने की संभावना जताई जा रही है। ग्रे मार्केट में इसे लेकर बाजार का माहौल गरम है। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में इसका GMP फिलहाल ₹225 से ₹250 के प्रीमियम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वैसे बीते कुछ दिनों में इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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