NSE phone tapping case : प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) यानी ईडी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इलीगल फोन टैपिंग केस में इनसाइडर ट्रेडिंग के संकेत दिए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, यह इनसाइडर ट्रेडिंग तब हुई थी, जब चित्रा रामकृष्ण (Chitra Ramkrishna) और रवि नारायण (Ravi Narain) एक्सचेंज के एमडी और सीईओ थे।
बिजनेस स्टैंडर्ड की शुक्रवार, 16 सितंबर की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चार्जशीट फाइल होने से कुछ दिन पहले अरेस्ट किए गए नारायण ने कथित रूप से शुरुआत से ही टैपिंग केस में आईसेक (iSec) के साथ मिलकर साजिश रची थी। मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सका है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी जल्द ही इससे जुड़ी डिटेल मार्केट रेगुलेटर सेबी के साथ शेयर करेगी। रिपोर्ट में कहा गया कि नारायण और रामकृष्ण “मुख्य साजिशकर्ता” थे और उन्होंने अहम जानकारियां देकर iSec Services को 24 करोड़ रुपये की कमाई करने में मदद की थी। ईडी ने पिछले हफ्ते अपनी शिकायत फाइल कर दी थी।
चित्रा रामकृष्ण की जमानत याचिका रद्द
पिछले महीने दिल्ली की एक अदालत ने एनएसई कर्मचारियों की गैर कानूनी तौर पर फोन टैपिंग और जासूसी के मामले में चित्रा रामकृष्ण की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उन्हें सीबीआई ने मई 2018 में रजिस्टर्ड को-लोकेशन स्कैम से संबंधित केस मे 6 मार्च को अरेस्ट किया था।
रामकृष्ण को 2009 में ज्वाइंट एमडी नियुक्त किया गया था और वह 31 मार्च, 2013 तक इसी पद पर रहीं। उन्हें 1 अप्रैल, 2013 को एमडी और सीईओ बनाया गया था।