ITR Filing 2026: ₹12.75 लाख तक सैलरी है, फिर भी देना पड़ सकता है टैक्स! जानिए क्यों

ITR Filing: क्या आपकी सालाना सैलरी ₹12.75 लाख से कम है और आपको लगता है कि कोई टैक्स नहीं देना होगा? यह गलतफहमी भारी पड़ सकती है। कुछ तरह की कमाई पर Section 87A की छूट नहीं मिलती। जानिए किन लोगों को फिर भी टैक्स देना पड़ेगा।

अपडेटेड Jul 14, 2026 पर 8:24 PM
Section 87A की छूट सिर्फ उस आय पर मिलती है, जिस पर सामान्य टैक्स स्लैब लागू होता है।

ITR Filing 2026: न्यू टैक्स रिजीम में कई नौकरीपेशा लोगों को लगता है कि अगर उनकी सालाना सैलरी ₹12.75 लाख तक है, तो उन्हें कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं होता।

अगर आपकी कमाई का कुछ हिस्सा ऐसे स्रोतों से आया है, जिन पर अलग टैक्स दर लागू होती है, तो आपको टैक्स देना पड़ सकता है। भले ही आपकी सैलरी पर Section 87A के तहत टैक्स छूट मिल रही हो।

किन कमाई पर देना पड़ सकता है टैक्स?


Section 87A की छूट सिर्फ उस आय पर मिलती है, जिस पर सामान्य टैक्स स्लैब लागू होता है। लेकिन कुछ तरह की कमाई पर अलग नियम हैं। उन पर यह छूट नहीं मिलती। इनमें शामिल हैं...

  • शेयर बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन
  • लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन
  • लॉटरी से जीती रकम
  • घुड़दौड़ से कमाई
  • ऑनलाइन गेमिंग या फैंटेसी गेम्स से कमाई

यानी आपकी कुल आय ₹12.75 लाख से कम हो सकती है। फिर भी इन स्रोतों से कमाई हुई है, तो उस हिस्से पर टैक्स देना पड़ सकता है।

ऐसा क्यों होता है?

सरकार ने Section 87A की छूट सिर्फ सामान्य टैक्स स्लैब वाली आय के लिए दी है। जिन कमाई पर पहले से अलग टैक्स दर तय है, उन पर यह छूट लागू नहीं होती।

उदाहरण के लिए, अगर आपने ऑनलाइन गेमिंग या फैंटेसी स्पोर्ट्स से पैसे जीते हैं, तो उस कमाई पर 30% की फ्लैट टैक्स दर लगती है। गेमिंग प्लेटफॉर्म TDS भी काटते हैं। ऐसे में Section 87A का फायदा नहीं मिलेगा।

ITR भरते समय ये गलती न करें

  • अगर आपकी ऐसी कोई कमाई है, तो उसे ITR में जरूर दिखाएं।
  • कैपिटल गेन को सही तरह शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म में दर्ज करें।
  • खरीद और बिक्री की पूरी जानकारी भरें।
  • AIS और Form 26AS से आंकड़ों का मिलान करें।
  • लॉटरी, घुड़दौड़ और ऑनलाइन गेमिंग से हुई कमाई भी जरूर बताएं।
  • सिर्फ इसलिए पूरी आय को टैक्स-फ्री न मान लें कि आपकी सैलरी ₹12.75 लाख से कम है।

अगर आपने ऐसी आय छिपाई या गलत जानकारी दी, तो बाद में इनकम टैक्स विभाग की तरफ से टैक्स डिमांड या नोटिस आ सकता है।

Salary Hike SIP: सैलरी बढ़ने पर कितनी बढ़ाएं SIP? इन 5 चीजों को देखकर करें फैसला

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।