Salary Hike SIP: सैलरी बढ़ने पर ज्यादातर लोग सबसे पहले SIP बढ़ाने के बारे में सोचते हैं। यह अच्छी आदत है। लेकिन पूरी इंक्रीमेंट सीधे म्यूचुअल फंड में लगा देना हमेशा सही फैसला नहीं होता। पहले अपनी जरूरतों और भविष्य की योजना को देखना जरूरी है।
Salary Hike SIP: सैलरी बढ़ने पर ज्यादातर लोग सबसे पहले SIP बढ़ाने के बारे में सोचते हैं। यह अच्छी आदत है। लेकिन पूरी इंक्रीमेंट सीधे म्यूचुअल फंड में लगा देना हमेशा सही फैसला नहीं होता। पहले अपनी जरूरतों और भविष्य की योजना को देखना जरूरी है।
SIP बढ़ाने से पहले खुद से पूछें ये 5 सवाल
फिर अपने जवाब के हिसाब से आपको आगे की स्ट्रैटजी बनानी चाहिए।
वित्तीय सेहत मजबूत करना सबसे जरूरी
अब मान लीजिए आपकी सैलरी ₹8,000 बढ़ी है। ऐसे में पूरी रकम SIP में डालने की जल्दबाजी न करें।
पहले देखें कि आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्च जितना इमरजेंसी फंड है या नहीं। अगर नहीं है, तो उसे बनाना शुरू करें। अगर क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन का महंगा कर्ज है, तो पहले उसे खत्म करें। साथ ही हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस भी जरूरत के हिसाब से होना चाहिए।
आपकी मौजूदा SIP काफी है या नहीं
नई SIP शुरू करने से पहले या पैसे बढ़ाने से पहले अपनी पुरानी SIP का हिसाब लगाइए।
सोचिए कि क्या यह रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदने जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए काफी है। अगर जवाब 'नहीं' है, तो नई स्कीम जोड़ने के बजाय उसी SIP की रकम बढ़ाना बेहतर रहेगा। अगर पुरानी SIP काफी है, तो आप नए लक्ष्य के साथ दूसरी SIP शुरू करने पर विचार कर सकते हैं
| अगर सैलरी बढ़ी है... | पहले क्या करें? |
| ₹8,000 इंक्रीमेंट | पूरी रकम SIP में न डालें |
| इमरजेंसी फंड नहीं? | पहले फंड बनाएं |
| पर्सनल लोन है? | कर्ज चुकाएं |
| लक्ष्य दूर हैं? | SIP बढ़ाएं |
| पोर्टफोलियो इक्विटी वाला है? | डेट/हाइब्रिड भी जोड़ें |
सिर्फ इक्विटी में पैसा न डालें
अगर आपके पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा पहले से ही ज्यादा हो, तो इसमें SIP बढ़ाने से जोखिम भी बढ़ सकता है। क्योंकि मार्केट में उतार-चढ़ाव से इसका रिटर्न सीधे प्रभावित होता है।
ऐसे में बढ़ी सैलरी का कुछ हिस्सा डेट फंड या हाइब्रिड फंड में भी लगाया जा सकता है। इससे पोर्टफोलियो संतुलित रहता है और जोखिम भी कम होता है।
महंगाई को नजरअंदाज मत कीजिए
आज ₹50 में जो सामान मिलता है, कुछ साल बाद उसके लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। जैसे कि 60 या 70 रुपये। यही महंगाई का असर है।
अगर महंगाई औसतन 6% रहती है, तो करीब 12 साल में आपके पैसे की ताकत लगभग आधी हो सकती है। इसलिए सैलरी बढ़े, तो निवेश भी धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।

हर साल SIP बढ़ाने की आदत डालें
अगर हर साल आपकी सैलरी बढ़ती है, तो SIP भी बढ़ाइए। इसे स्टेप-अप SIP कहते हैं।
मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 की SIP करते हैं। अगर 25 साल तक औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो आपका फंड करीब ₹95 लाख हो सकता है।
लेकिन अगर आप हर साल SIP में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो यही फंड करीब ₹2 करोड़ या उससे ज्यादा तक पहुंच सकता है। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत है।
पूरी इंक्रीमेंट निवेश करना जरूरी नहीं
मान लीजिए आपकी सैलरी ₹8,000 बढ़ी। जरूरी नहीं कि पूरे ₹8,000 निवेश कर दें।
आप ₹4,000 सीधे SIP बढ़ा सकते हैं। कुछ पैसा इमरजेंसी फंड में रख सकते हैं। अगर कोई कर्ज है, तो उसका भुगतान कर सकते हैं। बाकी रकम अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए रख सकते हैं। इससे निवेश भी बढ़ेगा और बजट भी नहीं बिगड़ेगा।
50:30:20 का नियम अपनाएं
आप सैलरी बढ़ने पर आसान 50:30:20 नियम भी अपना सकते हैं।
यह कोई तय नियम नहीं है। आप अपनी कमाई और जरूरत के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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