NSE फोन टैपिंग मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने NSE की पूर्व MD और CEO चित्रा रामकृष्ण को जमानत दी

एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने NSE को-लोकेशन स्कैम में गिरफ्तार चित्रा रामकृष्ण की जमानत का विरोध करते हुए दलील दी थी कि वह इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड थी लिहाजा उन्हें जमानत नहीं देनी चाहिए

अपडेटेड Feb 09, 2023 पर 12:06 PM
NSE को-लोकेशन स्कैम में ED ने पिछले साल 14 जुलाई को गिरफ्तार किया था

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को NSE की पूर्व CEO और MD चित्रा रामकृष्ण को जमानत दे दी है। चित्रा रामकृष्ण पर NSE के कर्मचारियों के अवैध फोन टैप करने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। चित्रा रामकृष्ण को जमानत देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस जस्मीत

कहा, "आवेदन को स्वीकार करके जमानत दी जाती है।" NSE को-लोकेशन स्कैम में ED ने पिछले  साल 14 जुलाई को गिरफ्तार किया था। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने NSE को-लोकेशन स्कैम में गिरफ्तार चित्रा रामकृष्ण की जमानत का विरोध किया था। ED ने ये दलील दी थी कि चिात्रा ही इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड थी लिहाजा उन्हें जमानत नहीं देनी चाहिए।

चित्रा रामकृष्ण पिछले साल 14 जुलाई से गिरफ्तार हैं। हालांकि सितंबर 2022 में CBI के केस में जमानत मिल गई थी। लेकिन ED के मामले में जमानत ना मिलने के कारण वह रिहा नहीं हो पाई थीं।


ED के मुताबिक,  2009 से लेकर 2017 तक, NSE के पूर्व CEO रवि नारायण रामकृष्ण, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रवि वाराणसी और हेड (NSE ऑफिस परिसर) महेश हल्दीपुर सहित कुछ दूसरे लोगों ने NSE और इसके कर्मचारियों को अपने फायदे के लिए धोखा दिया है।

NSE की साइबर कमजोरियों का पता लगाने के लिए इन अधिकारियों ने iSEC Services Pvt Ltd को हायर किया था। लेकिन इसकी आड़ में वो कर्मचारियों का फोन टैप करा रहे थे।

चित्रा रामकृ्ष्ण को 2009 में NSE का ज्वाइंट MD नियुक्त किया गया था। वह इस पद पर 31 मार्च 2013 तक रहीं। 1 अप्रैल 2013 में उन्हें प्रमोशन करके MD और CEO बना दिया गया था। NSE में चित्रा का कार्यकाल दिसंबर 2016 में खत्म हुआ था।

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