नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने पांच स्टॉक्स को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट से हटाने का ऐलान किया है। ये बदलाव जून सीरीज से लागू हो जाएंगे। जिन कंपनियों को हटाया जा रहा है, उनमें अपोलो टायर्स (Apollo Tyres), दीपक नाइट्राइट (Deepak Nitrite), एस्कॉर्ट्स कुबोटा (Escorts Kubota), एमआरएफ लिमिटेड (MRF Ltd) और द रैमको सीमेंट्स (The Ramco Cements) शामिल हैं।
इन स्टॉक्स में अंतिम F&O ट्रेडिंग 27 मई तक जारी रहेगी, जब मई डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होगी। हालांकि, मार्च, अप्रैल और मई के मौजूदा फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेडिंग जारी रहेगी। मई के बाद इन पाचों शेयरों में कोई नए F&O कॉन्ट्रैक्ट जारी नहीं किए जाएंगे।
F&O से क्यों हटाया जा रहा है?
अगर कोई स्टॉक लगातार तीन महीनों तक F&O बैन में रहता है, तो भी उसे सेगमेंट से बाहर किया जा सकता है। यह कदम बाजार की स्थिरता बनाए रखने और अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने के लिए उठाया जाता है।
क्या स्टॉक्स दोबारा F&O में आ सकते हैं?
एक बार अगर किसी स्टॉक को F&O से बाहर कर दिया जाता है, तो उसे कम से कम एक साल तक दोबारा शामिल नहीं किया जा सकता। अगर कोई स्टॉक लगातार छह महीनों तक SEBI के तय मानदंडों को पूरा करता है, तो उसे फिर से F&O सेगमेंट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए SEBI की मंजूरी आवश्यक होगी।