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NSE फिर से शुरू करेगा 'Do not exercise' इंस्ट्रक्शन, जानिए क्या है इसका मतलब

पहली बार 'डू नॉट एक्सरसाइज' इंस्ट्रक्शन 2017 में शुरू किया गया था। ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट के कैश-सेटलमेंट के दौरान यह ऑप्शन ट्रेडर्स को सुरक्षा देता था

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2022 पर 9:56 AM
NSE फिर से शुरू करेगा 'Do not exercise' इंस्ट्रक्शन, जानिए क्या है इसका मतलब
'Do not exercise' इंस्ट्रक्शन स्टॉक ऑप्शंस (Stock Options) के लिए होगा। यह 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) स्टॉक ऑप्शंस में फिर से 'Do not exercise' इंस्ट्रक्शन शुरू करने जा रहा है। यह स्टॉक ऑप्शंस (Stock Options) के लिए होगा। यह 28 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। एनएसई (NSE) ने पिछले साल अक्टूबर में इसे बंद कर दिया था। इस बारे में देश के सबसे बड़े एक्सचेंज ने सोमवार को सर्कुलर जारी किया।

पहली बार 'डू नॉट एक्सरसाइज' इंस्ट्रक्शन 2017 में शुरू किया गया था। ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट के कैश-सेटलमेंट के दौरान यह ऑप्शन ट्रेडर्स को सुरक्षा देता था। फिजिकल डिलीवरी सेटलमेंट शुरू होने के बाद इसकी जरूरत नहीं रह गई, क्योंकि सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) चुकाने का रिस्क नहीं रह गया था।

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इस साल की शुरुआत में जेरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) सहित कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट ने 'Do not exercise' इंस्ट्रक्शन हटाने के नुकसान के बारे में बताया था। उनका कहना था कि इसे हटाने से उन ट्रेडर्स को भारी नुकसान का खतरा पैदा हो गया है, जिनकी आउट-ऑफ-मनी ऑप्शंस में पॉजिशन एक्सपायारी के वक्त अचानक इन-द-मनी बन जाती है।

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