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FMCG Stock: कमजोर मॉनसून का नहीं होगा सेक्टर पर असर, नुवामा को भरोसा, कहा आनेवाले तिमाही में कंपनियां देगी डबल-डिजिट ग्रोथ

FMCG Stock: नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अबनीश रॉय ने कहा निवेशक कमजोर बारिश और कम बुवाई एक्टिविटी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पुराना डेटा कंज्यूमर डिमांड में तेज गिरावट के डर को सपोर्ट नहीं करता है।

Edited By: Sujata Yadavअपडेटेड Jun 25, 2026 पर 3:19 PM
FMCG Stock: कमजोर मॉनसून का नहीं होगा सेक्टर पर असर, नुवामा को भरोसा, कहा आनेवाले तिमाही में कंपनियां देगी डबल-डिजिट ग्रोथ
अबनीश रॉय ने कहा कि ज्यादातर FMCG कंपनियां 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) में देखी गई अबनीश रॉय ने कहा कि ज्यादातर FMCG कंपनियां 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) में देखी गई रिकवरी पर आगे बढ़ेंगी। रिकवरी पर आगे बढ़ेंगी।

FMCG Stock:  मॉनसून में देरी और एल नीनो की चिंताओं का असर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) स्टॉक्स पर पड़ सकता है, लेकिन नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि कंज्यूमर कंपनियां एक और मजबूत तिमाही रिपोर्ट करेंगी, जिसमें पूरे सेक्टर में अच्छी सेल्स और वॉल्यूम ग्रोथ जारी रहेगी।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अबनीश रॉय ने कहा कि ज्यादातर FMCG कंपनियां 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) में देखी गई रिकवरी पर आगे बढ़ेंगी। उन्हें उम्मीद है कि नेस्ले इंडिया, मैरिको, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स इंडिया और इमामी जैसी कई कंपनियां 2026 की अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) में मजबूत नंबर देगी, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों की सेल्स ग्रोथ लगभग डबल-डिजिट और वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 7% हो सकती है।

हालांकि निवेशक कमजोर बारिश और कम बुवाई एक्टिविटी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पुराना डेटा कंज्यूमर डिमांड में तेज गिरावट के डर को सपोर्ट नहीं करता है। "हमने देखा है कि कम से कम पिछले 10 सालों में बारिश में कमी और सेक्टर के वॉल्यूम में कमी के बीच कोई बड़ा संबंध नहीं है।"

उनके मुताबिक, बारिश की क्वालिटी और डिस्ट्रीब्यूशन, हेडलाइन मॉनसून नंबरों से ज्यादा मायने रखते हैं। उन्होंने कहा कि अभी के लिए रूरल डिमांड अच्छी बनी हुई है, जिसे कई राज्यों में सरकार के वेलफेयर उपायों से सपोर्ट मिला है। मॉनसून में किसी भी कमी का असली असर अगर सामने आता है, तो 2026-27 (FY27) के दूसरे हाफ में ही साफ हो पाएगा।

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