Ola Eletcric Share Price: जून तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू में गिरावट ने शुरुआती कारोबार में कमजोर सेंटिमेंट ने ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों को तोड़ दिया। हालांकि निचले स्तर पर इसने तेजी से रिकवरी की और मार्केट में बढ़ते दबदबे और घाटे में कमी का जश्न मनाया। हालांकि अब भी यह कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.05% की गिरावट के साथ ₹40.23 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 6.06% टूटकर ₹38.58 तक आ गया था, जिससे यह 6.25% रिकवर होकर ₹40.99 तक पहुंचा था। आज मार्केट में शुरुआती कारोबार में माहौल की बात करें तो जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते बिकवाली का दबाव दिखा था।
Ola Electric के नतीजे की क्या है पॉजिटिव-निगेटिव बातें
1.जून तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक का कंसालिडेटेड लॉस सालाना आधार पर ₹428 करोड़ और तिमाही आधार पर ₹500 करोड़ से घटकर ₹336 करोड़ पर आ गया।
3.ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 45.05% घटकर ₹455 करोड़ रह गया लेकिन तिमाही आधार पर यह ₹265 करोड़ से 71.70% ऊपर चढ़ा है।
4.जून तिमाही में कंपनी के गाड़ियों की डिलीवरी तिमाही आधार पर करीब दोगुनी होकर 39,192 यूनिट्स हो गई। तिमाही आधार पर रजिस्ट्रेशन 97% बढ़ा। इस दौरान दोपहिया ईवी मार्केट की ग्रोथ 17% रही।
6.जून तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 8.4% हो गई। मार्च तिमाही में यह 5.1% थी।
7.कंपनी के नतीजे की एक सबसे अच्छी बात जून तिमाही में 30.5% का ग्रास मार्जिन है। इस मजबूत ग्रास मार्जिन का आमतौर पर मतलब होता है कि दिक्कत सिर्फ प्रोडक्ट-लेवल इकनॉमिक्स की नहीं, बल्क अभी स्केल/ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज भी प्रॉफिटेबिलिटी को दबा रहे हैं।
1.घाटा कम होने के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट चिंता की बात हो सकती है।
2.ओला इलेक्ट्रिक का घाटा कम तो हुआ है लेकिन अब भी यह काफी अधिक है तो ऐसे में कंपनी इसे लेकर क्या करती है, इस पर नजर रहेगी।
2.ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट में दबदबा बढ़ा है जोकि दिखाता है कि टीवीएस, बजाज ऑटो, एथर एनर्जी जैसे दिग्गजों से कॉम्पटीशन के बावजूद यह बढ़ रही है। हालांकि करीब दो साल पहले 2024 में इसका 35% से अधिक मार्केट पर कब्जा था।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल
मार्च महीने के रिकॉर्ड निचले स्तर से ताबड़तोड़ रिकवरी के बावजूद ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने निवेशकों को काफी तगड़ा शॉक दिया है। आईपीओ निवेशकों को यह ₹76 के भाव पर जारी हुआ था और 9 अगस्त 2024 को इसकी मार्केट में एंट्री हुई थी। लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद 20 अगस्त 2024 को यह ₹157.53 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया था। हालांकि इस हाई लेवल से यह ऐसा टूटा कि निवेशक आज तक उबर नहीं पाए। इस हाई लेवल से दो साल से भी कम समय में यह 86.54% टूटकर 2 मार्च 2026 को ₹21.21 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इस निचले स्तर से इसने काफी रिकवरी की लेकिन रिकॉर्ड हाई लेवल अब भी काफी दूर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।