Ola Electric के शेयर सबसे निचले स्तर पर पहुंचे, भाविश अग्रवाल ने करीब 1% हिस्सेदारी 142.3 करोड़ में बेची

Ola के शेयर की कीमत 4.87 फीसदी गिरकर 32.80 रुपये पर आ गई। यह शेयर के प्राइस का अब तक का सबसे निचला स्तर है। शेयरों में 16 दिसंबर को भी 7.8 फीसदी गिरावट आई थी। यह शेयर 20 अगस्त, 2024 से ही बेयर्स की गिरफ्त में रहा है

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 8:56 PM
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पिछले साल 9 अगस्त को Ola के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए थे।

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के फाउंडर और प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने कंपनी में अपनी करीब एक फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उन्होंने 17 दिसंबर को ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए यह हिस्सेदारी बेची। उन्होंने लगातार दूसरे दिन कंपनी के शेयर बेचे। इसका असर कंपनी के शेयरों की कीमतों पर पड़ा। शेयर की कीमत 4.87 फीसदी गिरकर 32.80 रुपये पर आ गई। यह शेयर के प्राइस का अब तक का सबसे निचला स्तर है।

16 अगस्त को भी शेयर में बड़ी गिरावट आई थी

ओला के शेयरों में 16 दिसंबर को भी 7.8 फीसदी गिरावट आई थी। यह शेयर 20 अगस्त, 2024 से ही बेयर्स की गिरफ्त में रहा है। पिछले साल 9 अगस्त को कंपनी के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए थे। उसके कुछ हफ्ते बाद शेय की कीमत 157.40 रुपये पर पहुंच गई थी, जो इसका ऑल-टाइम हाई है।


रिकॉर्ड ऊंचाई से 79 फीसदी गिर चुका है शेयर

यह शेयर अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से 79 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इससे निवेशकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। एक समय कंपनी की वैल्यूएशन 69,000 करोड़ रुपये थी, जो अब गिरकर 14,520 रुपये पर आ गई है। एनएसई की तरफ से पब्लिश्ड बल्क डील की जानकारी के मुताबिक, भाविश अग्रवाल ने कंपनी के 4.19 करोड़ शेयर 142.3 करोड़ रुपये में बेचे हैं। ये डील प्रति शेयर 33.96 रुपये के भाव पर हुई।

अग्रवाल ने कंपनी में अपनी 1.5% हिस्सेदारी बेची

अग्रवाल ने 16 दिसंबर को कंपनी के 2.62 करोड़ शेयर 91.87 करोड़ रुपये में बेचे थे। यह ट्रांजेक्शन प्रति शेयर 34.99 रुपये के भाव पर हुआ था। लगातार दो सत्रों ने अग्रवाल ने कंपनी में अपनी 1.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची है, जिसकी वैल्यू 234.17 करोड़ रुपये है। ओला इलेक्ट्रिक में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 36.78 फीसदी थी। 16 दिसंबर को शेयर्स बेचने के बाद भाविश अग्रवाल ने कहा था कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा है, जिसका मकसद प्रमोटर लेवल का 260 करोड़ रुपये का लोन चुकाना है।

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कर्ज चुकाने के लिए अग्रवाल ने बेचे शेयर

उन्होंने कहा कि यह कदम प्रमोटर के प्लेज्ड शेयरों को फ्री करने के लिए उठाया गया, जिससे रिस्क और उतारचढ़ाव बढ़ सकता था। यह प्रमोटर की सोच का हिस्सा है कि ओला इलेक्ट्रिक के शेयर प्लेज्ड नहीं होने चाहिए और कर्ज पूरी तरह खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह ट्रांजेक्शन पूरी तरह से प्रमोटर के व्यक्तिगत लेवल पर हुआ है। इसका ओला इलेक्ट्रिक के ऑपरेशंस, गवर्नेंस और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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