इंडियन होटल्स ने अपनी एसोसिएट कंपनी ओरिएंटल होटल्स का खुद में मर्जर करने का ऐलान किया है। इस खबर के बाद आज इंडियन होटल्स के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल यह शेयर 4.85 रुपए यानी 0.66 फीसदी की कमजोरी के साथ 725 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज का इसका दिन का हाई 733.65 रुपए और दिन का लो 724.20 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 795.65 रुपए और 52 वीक लो 565 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 684,760 शेयर और मार्केट कैप 103,312 करोड़ रुपए के आसपास दिख रहा है। इस मर्जर से इंडियन होटल्स और ओरिएंटल होटल्स के शेयरहोल्डर्स को क्या फायदा होगा, आइए इस पर डालते हैं एक नजर।
ओरिएंटल होटल्स का होगा मर्जर
ओरिएंटल होटल्स का इंडियन होटल्स में मर्जर होगा। इसके लिए तय मर्जर योजना के तहत ओरिएंटल होटल्स के 117 शेयरों पर इंडियन होटल्स (IHCL) के 25 शेयर मिलेंगे। ओरिएंटल होटल्स के शेयर होल्डर्स को 2.32 करोड़ शेयर जारी होंगे। मर्जर से IHCL की 1.62% हिस्सेदारी डाइल्यूट होगी। मर्जर का सौदा वित्त वर्ष 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। IHCL और सब्सिडियरीज की फिलहाल ओरिएंटल होटल्स (OHL) में 37.1% हिस्सेदारी है।
इनकी वित्तीय सेहत की बात करें तो FY26 में IHCL की रेवेन्यू 5640 करोड़ रुपए, FY23-26 की रेवेन्यू CAGR 19 फीसदी और FY23-26 की PAT CAGR 28 फीसदी रही। वहीं, OHL की रेवेन्यू 5001 करोड़ रुपए, FY23-26 की रेवेन्यू CAGR 8 फीसदी और FY23-26 की PAT CAGR भी 8 फीसदी रही।
इस मर्जर से इंडियन होटल के पोर्टफोलियो में 7 होटल जुड़ेंगे। IHCL के स्टैंडअलोन कमरों की संख्या 825 हो जाएगी। तमिलनाडु,कर्नाटक और केरल में इंडियन होटल का विस्तार होगा। IHCL के कुल कमरों की संख्या 1280 से बढ़कर 2104 हो जाएगी।
मर्जर पर IHCL के बयान में कहा गया है कि इस मर्जर से मैनेजमेंट कॉस्ट में 7-10 करोड़ रुपए की बचत होगी। इसके चलते अगले कुछ सालों में 10-20% की रेवेन्यू ग्रोथ संभव है। पहले साल से ही डील EPS पॉजिटिव हो सकती है। कंपनी की दूसरे सौदों पर भी नजर है। इसकी 2000 करोड़ रुपए तक निवेश की तैयारी है।
इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पुनीत छतवाल ने कहा है कि कंपनी 2,000 करोड़ तक के अधिग्रहण (एक्विजिशन) के लिए तैयार है। वह अपने बढ़ते कैश रिज़र्व का कुछ हिस्सा ऐसे अधिग्रहणों में लगाना चाहती है जो रणनीतिक रूप से फायदेमंद हों। कंपनी के पास लगभग 4,500 करोड़ रुपए का कैश है,जिसमें से करीब आधा हिस्सा किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए रिज़र्व के तौर पर रखा गया है।
1 हफ्ते में इंडियन होटल्स का शेयर 0.72% चढ़ा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 0.32 फीसदी की गिरावट आई है। इस साल अब तक इसमें 1.85 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। 1 साल में यह शेयर 8.08 फीसदी गिरा है। वहीं, 3 साल में इसने 80.41 फीसदी और 5 साल में 435.68 फीसदी रिटर्न दिया है।