Market news: बाजार ने 21 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में भी अपना रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी रखा। निफ्टी 20,000 अंक के करीब पहुंच गया और सेंसेक्स पहली बार 67,000 अंक से ऊपर चला गया। बाजार को मानसून की बेहतर प्रगति, भारतीय उद्योग जगत के अच्छे नतीजों और मिलेजुले संकेतों के बावजूद लगातार हो रहे विदेशी निवेश से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, इंफोसिस द्वारा चालू वित्त वर्ष की बाकी बची अवधि के लिए कमजोर गाइडेंस देने से आईटी शेयरों में कमजोरी आई। जिसके चलते शुक्रवार को बाजार में कुछ बिकवाली देखने को मिली। सप्ताह के अंत में बीएसई सेंसेक्स 0.94 फीसदी या 623.36 अंक की बढ़त के साथ 66684.26 पर और निफ्टी 50 0.92 प्रतिशत या 180.5 अंक बढ़कर 19745 पर बंद हुआ था।
इस हफ्ते, सेंसेक्स और निफ्टी ने 67619.17 और 19991.85 के नए रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ। बीएसई लार्ज-कैप और मिड-कैप सूचकांकों में 0.5 फीसदी और स्मॉल-कैप सूचकांक में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अगल-अलग सेक्टर्स पर नजर डालें तो निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4 फीसदी, निफ्टी मीडिया इंडेक्स 3 फीसदी, निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.8 फीसदी और निफ्टी फार्मा और एनर्जी इंडेक्स 2 फीसदी बढ़कर बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.5 फीसदी गिरकर बंद हुआ।
इस हफ्ते बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स 1.3 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज, स्टर्लिंग और विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी, अरिहंत कैपिटल मार्केट्स, डीबी कॉर्प, मिशटन फूड्स, जय बालाजी इंडस्ट्रीज, आशापुरा माइनकेम, न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज, जागरण प्रकाशन, सेरेबरा इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजीज, डोडला डेयरी, एलटी फूड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया, टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स, हेरिटेज फूड्स और जिंदल सॉ में 20-32 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
दूसरी तरफ ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, कृष्णा डायग्नोस्टिक्स, डेटामैटिक्स ग्लोबल सर्विसेज, सीसीएल प्रोडक्ट्स इंडिया, हिमतसिंगका सीड और रोटो पंप्स में 11-25 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
इस सप्ताह में, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3115.26 करोड़ रुपये की इंडियन इक्विटी खरीदी है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 776.69 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। इस महीने में अब तक एफआईआई ने 17697.89 करोड़ रुपये की इंडियन इक्विटी खरीदी है और डीआईआई ने 8906.19 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची है।
अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल
शेयरखान के जतिन गेडिया का कहना है कि निफ्टी ने 19680 –19700 के सपोर्ट को बनाए रखा है। वर्तमान तेजी के दौरान, 40-घंटे के औसत के आसपास बिकवाली का दबाव कम होता दिखा है। यहां से तेजी का एक नया चरण शुरू होता दिखा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में आई तेज बढ़त को देखते हुए निफ्टी में अब कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, अपट्रेंड अभी भी बरकरार है, और यह गिरावट एक पुलबैक है न कि ट्रेंड रिवर्सल। अहम लेवल्स की बात करें तो 19677 - 19700 पर निफ्टी के लिए सपोर्ट है। जबकि ऊपर की ओर 19880 -19900 पर तत्काल रजिस्टेंस दिख रहा है।
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