Overbought Stocks: इन चार शेयरों की हो गई एक लेवल से अधिक खरीदारी, चार्ट से मिल रहे ये संकेत

Overbought Stocks: निफ्टी-500 के पांच ऐसे शेयर हैं जो ताबड़तोड़ खरीदारी के चलते ओवरबॉट जोन में पहुंच गए हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जैसे कुछ शेयर फंडामेंटल रूप से काफी मजबूत तो होते हैं लेकिन चार्ट पर अगर ये ओवरबॉट जोन में हैं यानी एक सीमा से अधिक खरीदारी हो गई है तो इनमें लॉन्ग टर्म की बजाय शॉर्ट टर्म के लिए ही पैसे लगाना बेहतर होता है क्योंकि इनमें करेक्शन के आसार होते हैं

अपडेटेड Oct 25, 2023 पर 12:45 PM
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RSI और MFI, ये दोनों ही मोमेंटम इंडिकेटर लगभग एक समान ही हैं। हालांकि एमएफआई में वॉल्यूम को भी शामिल किया जाता है।

Overbought Stocks: निफ्टी-500 के पांच ऐसे शेयर हैं जो ताबड़तोड़ खरीदारी के चलते ओवरबॉट जोन में पहुंच गए हैं। स्टॉक मार्केट में निवेश के लिए शेयरों का चयन कई पैरामीटर पर किया जाता है। इसमें कुछ पैरामीटर टेक्निकल चार्ट के आधार पर भी होता है। जैसे कि कुछ शेयर फंडामेंटल रूप से काफी मजबूत तो होते हैं लेकिन चार्ट पर अगर ये ओवरबॉट जोन में हैं यानी एक सीमा से अधिक खरीदारी हो गई है तो इनमें लॉन्ग टर्म की बजाय शॉर्ट टर्म के लिए ही पैसे लगाना बेहतर होता है क्योंकि इनमें करेक्शन के आसार होते हैं। वहीं ओवरसोल्ड जोन में होने पर लॉन्ग टर्म में पैसे लगा सकते हैं।

ऐसे ही दो इंडिकेटर हैं RSI (रिटेलिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) और MFI (मनी फ्लो इंडेक्स)। इन दोनों इंडेक्स के आधार पर निफ्टी 500 (Nifty 500) के पांच ऐसे शेयर हैं जो ओवरबॉट जोन में चले गए हैं- बीएसई (BSE), प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स) (Prestige Estates Projects), बॉम्बे बुरमाह ट्रेडिंग (Bombay Burmah Trading) और क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण (CreditAccess Grameen)।

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क्या है RSI और MFI

आरएसआई और एमएफआई, ये दोनों ही मोमेंटम इंडिकेटर लगभग एक समान ही हैं। हालांकि एमएफआई में वॉल्यूम को भी शामिल किया जाता है। ये दोनों ही इंडेक्स किसी टाइम पीरियड में शेयरों में निवेश और निकासी को मापते हैं। RSI को किसी टाइम पीरियड में औसतन तेजी या गिरावट का इस्तेमाल कर कैलकुलेट किया जाता है। वहीं MFI में पॉजिटिव और निगेटिव मनी फ्लो वैल्यू को मिलाकर फिर मनी रेश्यो निकाला जाता है और फिर इसे एमएफआई आसलेटर फॉर्म में नॉर्मलाइज किया जाता है।

बेसिक अंदर इन दोनों में ये ही हैं लेकिन दोनों का काम लगभग समान ही है, शेयरों की स्थिति बताना। अगर किसी शेयर का RSI अगर 70 से ऊपर या MFI भी 80 से ऊपर है, उसे आमतौर पर ओवरबॉट जोन में माना जाता है यानी कि इसमें बुलिश रुझान है और शॉर्ट टर्म के लिए पैसे लगा सकते हैं जबकि RSI अगर 30 या MFI भी 20 से नीचे है तो यह ओवरसोल्ड जोन में है यानी कि इसमें लॉन्ट टर्म के लिए निवेश का मौका है।

RSI= 100- [100/(1+(औसतन तेजी/औसतन गिरावट))]

MFI=100-[100/(100+मनी रेश्यो); मनी रेश्यो= पॉजिटिव मनी फ्लो/निगेटिव मनी फ्लो; मनी फ्लो= वॉल्यूम* औसतन भाव

कौन-कौन से शेयर हैं Oversold Zone में

ट्रेंडलाइन पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक BSE का आरएसआई 86.8, प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स का 75.9, बॉम्बे बुरमाह ट्रे़डिंग का 75.7 और क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण का 72.8 है। वहीं MFI की बात करें तो बीएसई के लिए यह 86.8, प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के लिए 90.3, बॉम्बे बुरमाह ट्रे़डिंग के लिए 95.8 और क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण के लिए 86.3 है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारियां टेक्निकल चार्ट पर आधारित है। यहां सैद्धांतिक तौर पर चीजें बताई गई हैं। स्टॉक मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है। ऐसे में निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर सलाह ले लें।

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