Paras Healthcare IPO Listing: कई राज्यों में Paras Health ब्रांड के हॉस्पिटल चलाने वाली पारस हेल्थकेयर के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹693 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹720.00 और NSE पर ₹720.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 3.90% का लिस्टिंग गेन (Paras Healthcare Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹726.00 (Paras Healthcare Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.76% मुनाफे में हैं।
Paras Healthcare IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
पारस हेल्थकेयर का ₹1,450 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21-23 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.34 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.25 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.69 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.10 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹950 करोड़ के 1,37,08,513 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹320.90 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹54.10 करोड़ सब्सिडियरी PMHPL का कर्ज हल्का करने के लिए इसमें निवेश, ₹10.11 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹66.37 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Paras Healthcare के बारे में
पारस हेल्थकेयर एक बड़ी हेल्थकेयर कंपनी है। 'पारस हेल्थ' ब्रांड के तहत इसके अस्पताल मुख्य रूप से उत्तर भारत, बिहार और झारखंड में हैं। 30 जून 2026 तक गुरुग्राम, पंचकूला, पटना, दरभंगा, कानपुर, उदयपुर, रांची और श्रीनगर में इसके 8 अस्पताल और कुल 2,211 बेड थे। कंपनी की योजना अपने नेटवर्क को बढ़ाने की है और इसके तहत गुरुग्राम में 300 बेड और लुधियाना में 500 बेड जोड़ने की है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के रेवेन्यू में CONGOR (कार्डियाक साइंसेज, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसाइंसेज, गैस्ट्रो साइंसेज, ऑर्थोपेडिक्स एंड रेनल साइंसेज) की 75.30% हिस्सेदारी है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹15.33 करोड़ का घाटा हुआ था जोकि अगले वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹57.98 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि फिर स्थिति तेजी से सुधरी और कंपनी पिछले वित्त वर्ष 2026 में ₹43.83 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई। कंपनी की टोटल इनकम में इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दिखी और सालाना करीब 19 % की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹478.75 करोड़ पर पहुंच गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून में कंपनी को ₹49.68 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹478.75 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,429.49 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹434.86 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।