Power Stocks: ये 7 पावर स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Power Stocks: ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने 7 पावर स्टॉक्स पर Buy रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने इनमें 43% तक तेजी का अनुमान दिया है। रिन्यूएबल एनर्जी और बढ़ती बिजली मांग से इन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Aug 24, 2026 पर 4:15 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Jefferies का अनुमान है कि FY26-FY30 के दौरान बिजली की मांग करीब 6% सालाना बढ़ सकती है।

Power Stocks: भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ नई पावर क्षमता भी जोड़ी जा रही है। लेकिन इस बार एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। बिजली क्षमता बढ़ाने में सरकारी कंपनियों के मुकाबले प्राइवेट कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। खासकर रिन्यूएबल एनर्जी में उनका दबदबा बढ़ रहा है।

ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies के मुताबिक, FY26 से FY30 के बीच भारत में जुड़ने वाली नई बिजली क्षमता में प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी 63% तक हो सकती है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने कई पावर स्टॉक्स पर Buy रेटिंग दी है।

कंपनी रेटिंग टारगेट संभावित अपसाइड
JSW Energy Buy ₹720 31%
Adani Energy Solutions Buy ₹2,060 34%
Adani Power Buy ₹270 33%
Adani Green Energy Buy ₹1,695 29%
NTPC Buy ₹425 25%
Power Grid Buy ₹315 16%
Torrent Power Buy ₹1,780 43%

प्राइवेट कंपनियां क्यों आगे निकल रही हैं?


Jefferies का अनुमान है कि FY26-FY30 के दौरान बिजली की मांग करीब 6% सालाना बढ़ सकती है। वहीं प्राइवेट कंपनियों की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 9% सालाना बढ़ने की उम्मीद है।

सीधी बात है। बिजली की जरूरत बढ़ रही है और नई क्षमता जोड़ने में प्राइवेट कंपनियां ज्यादा तेजी दिखा रही हैं।

FY30 तक 724 GW हो सकती है क्षमता

ब्रोकरेज के मुताबिक भारत की कुल इंस्टॉल्ड पावर क्षमता FY30 तक करीब 724 GW हो सकती है। FY26 से FY30 के बीच करीब 191 GW नई क्षमता जुड़ने का अनुमान है।

इसमें सबसे बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी का होगा। नई क्षमता में करीब 76% रिन्यूएबल, 18% थर्मल और 6% हाइड्रो पावर की हिस्सेदारी रह सकती है।

रिन्यूएबल में प्राइवेट सेक्टर क दबदबा

रिन्यूएबल एनर्जी में प्राइवेट कंपनियों का दबदबा और बढ़ सकता है। Jefferies के मुताबिक नई रिन्यूएबल क्षमता में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 72% रह सकती है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि रिन्यूएबल बिजली उत्पादन का 80% से ज्यादा हिस्सा प्राइवेट कंपनियों से आ सकता है। Adani Green Energy अकेले नई रिन्यूएबल क्षमता में करीब 17% योगदान दे सकती है। थर्मल पावर में भी प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी करीब आधी रह सकती है। Adani Power नई थर्मल क्षमता में करीब 34% योगदान दे सकती है।

सरकारी कंपनियां भी मजबूत

इसका मतलब यह नहीं है कि सरकारी कंपनियां पीछे छूट जाएंगी। NTPC और Power Grid जैसी कंपनियों के पास पहले से बड़ा एसेट बेस है।

हालांकि कुल इंस्टॉल्ड क्षमता में PSU की हिस्सेदारी FY26 के 48% से घटकर FY30 तक 45% रह सकती है।

LT Foods Share Price: 52 हफ्ते के हाई पर पहुंचा शेयर, जानिए क्या है वजह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।