ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी प्रायोरिटी ज्यूल्स की 4 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग ने खुश कर दिया। BSE पर शेयर 12.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 225.20 रुपये और NSE पर 15 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 230 रुपये पर लिस्ट हुआ। फाइनल इश्यू प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर था। प्रायोरिटी ज्यूल्स का 91.50 करोड़ रुपये का IPO 100.45 गुना भरा था। कंपनी हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। यह रोज पहनी जाने वाली ज्वेलरी जैसे अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, नेकलेस, ब्रेसलेट के साथ-साथ खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी बेचती है।
कंपनी भारत और दुनिया भर में स्वतंत्र ज्वेलर्स और ज्वेलरी चेन्स को अपने प्रोडक्ट बेचती है, जैसे कि कैरटलेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, कल्याण ज्वेलर्स, रिलायंस रिटेल, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, त्रिभुवनदास भीमजी झवेरी लिमिटेड, सेनको गोल्ड लिमिटेड।
IPO में किस कैटेगरी को कितना सब्सक्रिप्शन
IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 39.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 166.49 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 106.76 गुना भरा। इस IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 27.45 करोड़ रुपये जुटाए।
IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Priority Jewels
कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रायोरिटी ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹147.40 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹6.48 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹110.49 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹539 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹17.65 करोड़ हो गया।
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