प्रॉपर्टी की वैल्यू ₹50 लाख से ज्यादा, फिर भी नहीं लगेगा TDS? इन होमबायर्स को मिली बड़ी राहत

₹50 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर TDS को लेकर ITAT ने बड़ा फैसला दिया है। ₹50 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने पर आम तौर पर खरीदार को 1% TDS काटना होता है। लेकिन, कुछ मामलों में ऐसा नहीं होगा। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 5:53 PM
Story continues below Advertisement
ITAT के फैसले के बाद ₹13.5 लाख का पूरा टैक्स डिमांड हटा दिया गया।

₹50 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी खरीदने पर आम तौर पर खरीदार को 1% TDS काटना होता है। यह नियम इनकम टैक्स एक्ट की धारा 194-IA के तहत आता है। लेकिन अहमदाबाद ITAT के एक हालिया फैसले ने साफ कर दिया है कि यह नियम हर केस में एक जैसा लागू नहीं होता।

ट्रिब्यूनल ने कहा है कि अगर प्रॉपर्टी की कुल कीमत ₹50 लाख से ज्यादा है, लेकिन हर विक्रेता को मिलने वाली रकम ₹50 लाख से कम है, तो TDS काटना जरूरी नहीं होगा।

क्या था पूरा मामला


यह मामला Hasmukhbhai Jayantibhai Patel vs ITO (ITAT अहमदाबाद, 27 मार्च 2026) से जुड़ा है। खरीदार ने ऐसी प्रॉपर्टी खरीदी थी, जो कई लोगों के नाम पर थी।

कुल कीमत ₹50 लाख से ज्यादा थी, लेकिन हर विक्रेता का हिस्सा ₹50 लाख से कम था। इसलिए खरीदार ने TDS नहीं काटा। टैक्स विभाग का कहना था कि कुल कीमत ₹50 लाख से ज्यादा है, इसलिए TDS काटना जरूरी था।

टैक्स विभाग ने क्या किया

असेसिंग ऑफिसर (AO) ने खरीदार को 'assessee in default' मान लिया और करीब ₹13.5 लाख का टैक्स डिमांड जारी किया। इसके साथ TDS न काटने पर ब्याज भी लगाया गया।

पहली अपील में CIT(A) ने भी यही माना कि ₹50 लाख की सीमा पूरी प्रॉपर्टी की कीमत पर लागू होगी, न कि अलग-अलग हिस्सों पर।

ITAT ने क्या कहा

ITAT अहमदाबाद ने यह फैसला पलट दिया और खरीदार के पक्ष में निर्णय दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि संबंधित साल (AY 2015-16) में ₹50 लाख की सीमा हर विक्रेता के हिसाब से देखी जाएगी, न कि कुल प्रॉपर्टी वैल्यू के आधार पर।

चूंकि हर विक्रेता को ₹50 लाख से कम भुगतान हुआ था, इसलिए खरीदार को TDS काटने की जरूरत नहीं थी।

ITAT ने ऐसा क्यों कहा

ट्रिब्यूनल ने इसके पीछे तीन अहम वजहें बताईं।

पहली बात, उस समय कानून में यह नहीं लिखा था कि कई विक्रेताओं को दी गई रकम को जोड़कर देखा जाए। इसलिए हर विक्रेता का हिस्सा अलग-अलग माना गया।

दूसरी बात, यह नियम बाद में बदला गया। 1 अप्रैल 2024 से कानून में बदलाव हुआ, जिसमें कुल प्रॉपर्टी वैल्यू को जोड़कर देखा जाता है। लेकिन ITAT ने साफ किया कि यह बदलाव पुराने मामलों पर लागू नहीं होगा।

तीसरी बात, ट्रिब्यूनल ने पुराने फैसलों का भी हवाला दिया, जिनमें यही कहा गया था कि अगर हर विक्रेता को ₹50 लाख से कम मिला है, तो TDS जरूरी नहीं है।

होमबायर्स के लिए क्या मतलब

ITAT के फैसले के बाद ₹13.5 लाख का पूरा टैक्स डिमांड हटा दिया गया। साथ ही लगाया गया ब्याज भी रद्द कर दिया गया।

यह फैसला खास तौर पर उन लोगों के लिए अहम है जिन्होंने 1 अप्रैल 2024 से पहले प्रॉपर्टी खरीदी है, जहां कई लोग मालिक थे और हर विक्रेता को ₹50 लाख से कम भुगतान किया गया। ऐसे मामलों में भले ही कुल कीमत ₹50 लाख से ज्यादा हो, TDS जरूरी नहीं होie।

अब नियम बदल चुका है

अब खरीदारों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। 1 अप्रैल 2024 से पहले ₹50 लाख की सीमा हर विक्रेता पर लागू होती थी। लेकिन 1 अप्रैल 2024 के बाद यह सीमा पूरी प्रॉपर्टी की कीमत पर लागू होती है।

अगर 2024 से पहले ₹80 लाख की प्रॉपर्टी 4 लोगों से खरीदी गई और हर एक को ₹20 लाख मिला, तो TDS नहीं लगता। लेकिन 2024 के बाद इसी स्थिति में TDS देना होगा, क्योंकि अब कुल कीमत देखी जाती है।

800 से ज्यादा है सिबिल स्कोर? जानिए होम और पर्सनल लोन पर किस तरह के मिलेंगे फायदे

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।