संसद की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) सेबी के अकाउंट्स की व्यापक जांच करेगी। वह फाइनेंशियल ईयर 2022-23 और फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के सेबी के अकाउंट्स को रिव्यू करेगी। यह पहली बार है कि पीएसी ने सेबी के वित्तीय प्रदर्शन की जांच की जरूरत महसूस की है। कांग्रेस के सीनियर लीडर केसी वेणुगोपाल पीएसी के प्रमुख हैं। इस कमेटी में एनडीए और विपक्ष दोनों दलों के नेता शामिल हैं। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।
फाइनेंस मिनिस्ट्री को 27 सितंबर तक डेटा उपलब्ध कराने होंगे
PAC (Public Account Committee) का काम सरकार के रेवेन्यू और एक्सपेंडिचर की जांच करना है और पब्लिक फाइनेंस में अकाउंटबिलिटी सुनिश्चित करना है। अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "पीएसी ने पहले कभी SEBI को नहीं बुलाया है। उसने डेटा मांगा है। इसकी अंतिम तारीख 27 सितंबर है। इस तारीख तक फाइनेंस मिनिस्ट्री को पार्लियामेंट सेक्रेटेरियट को ये डेटा उपलब्ध कराने होंगे।" जो जानकारियां मांगी गई हैं, उनमें सेबी की रिसीट्स और पेमेंट्स, CAG की ऑडिट रिपोर्ट और सेबी की इनटर्नल कमेटी के ऑब्जर्वेशन भी शामिल हैं।
पीएसी अगली मीटिंग में सेबी प्रमुख को बुला सकती है
पीएसी की 29 अगस्त को हुई मीटिंग के एजेंडा में सेबी के अकाउटंस की जांच शामिल थी। अधिकारी ने कहा, "पीएसी अपनी अगली मीटिंग में सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच को बुला सकती है। यह रेगुलेटर के परफॉर्मेंस का रिव्यू होगा।" पीएसी ऐसे वक्त यह जांच करने जा रही है जब हिंडनबर्ग रिसर्च की तरफ से सेबी प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी शॉर्ट सेलर का आरोप है कि बुच ने अदाणी मामले की जांच में निष्पक्षता नहीं दिखाई थीं।
यह भी पढ़ें: Suzlon Stocks: सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में गिरावट, ब्रोकरेज फर्म ने घटा दी रेटिंग, जानें नया टारगेट प्राइस
सेबी बोर्ड की बैठक 30 सितंबर को होने वाली है
मार्केट रेगुलेटर के बोर्ड की मीटिंग 30 सितंबर को होने वाली है। इसमें बुच पर लगे आरोपों से संबंधित मसलों पर चर्चा हो सकती है। यह मीटिंग काफी अहम होगी, क्योंकि बुच पर हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद यह सेबी के बोर्ड की पहली मीटिंग होगी। इसमें सेबी की तरफ से जारी किए गए 11 कंसल्टेशन पेपर्स पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव भी शामिल हैं।